'लालू और नीतीश नहीं हैं बिहार का गौरव'

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केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव पर निशाना साधते हुए कहा है कि वो बिहार के गौरव नहीं हो सकते.

बीबीसी से ख़ास बातचीत में उन्होंने कहा कि बिहार को दिए गए सवा लाख करोड़ रुपए के पैकेज और इस बारे में याचक शब्द के इस्तेमाल को नीतीश बेवजह तूल दे रहे हैं.

नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव ने पैकेज की घोषणा करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तरीक़े पर सवाल उठाते हुए कहा था कि बिहार की बोली लगाई गई.

बिहार में विधानसभा चुनावों से ठीक पहले नीतीश-लालू और भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन के बीच बयानबाज़ी तेज़ हो गई है.

'स्वार्थों का मेल'

गिरिराज सिंह ने कहा, ''बिहार का गौरव लालू जी और नीतीश जी नहीं बन सकते हैं जो महत्वाकांक्षा और अहंकार का प्रतीक बन गए हैं.''

उनका कहना था कि नीतीश कुमार ने अहंकार में प्रधानमंत्री मोदी के भोजपुर के कार्यक्रम का बहिष्कार किया और शाम को मीडिया से कहा कि बिहार की बोली लगाई जा रही है.

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बिहार के जदयू-राजद-कांग्रेस महागठबंधन द्वारा याचक शब्द पर आपत्ति जताने के मसले पर गिरिराज सिंह ने कहा, "नीतीश कुमार इसे तूल दे रहे हैं."

उन्होंने कहा, "याचक की बात इसलिए कही गई कि उन्होंने कई पत्र लिखे कि उन्हें बिहार के लिए पूंजी चाहिए. देश की संघीय संरचना में ऐसी पहल करने का उन्हें अधिकार है. याचना का मतलब मांग करना है."

बिहार में जदयू-राजद-कांग्रेस गठबंधन को उन्होंने स्वार्थों का मेल बताया.

'घटी विकास दर'

गिरिराज ने नीतीश कुमार के इस बयान का भी जवाब दिया कि भाजपा उन कामों का बखान भी नहीं कर रही है जो पिछले 10 साल में उनके कार्यकाल में हुए हैं.

गिरिराज सिंह ने कहा, ''भाजपा ने 2005 से 2010 के बीच जो 'बढ़ते बिहार, बनते बिहार' का नारा दिया था आज वह ठप हो गया है.''

उनका कहना है, "भाजपा गठबंधन के कार्यकाल के दौरान बिहार का विकास दर 15 फ़ीसदी था जो अब कम होकर 8 फ़ीसदी के स्तर पर है. इसके अलावा कृषि वृद्धि दर भी 17 प्रतिशत से कम होकर 11 प्रतिशत हो गई है. इसका जवाब तो नीतीश कुमार को ही देना होगा.''

पिछले साल हुए आम चुनावों से ठीक पहले भाजपा और जदयू का गठबंधन टूटा था, जबकि इससे पहले कई साल तक उन्होंने मिलकर बिहार में सरकार चलाई थी.

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