गुजरात: सात की मौत, सेना बुलाई गई

  • 26 अगस्त 2015
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गुजरात में पटेल समुदाय के उग्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है.

स्थानीय संवाददाता अंकुर जैन के मुताबिक़ अहमदाबाद में चार, बनासकांठा में दो और मेहसाणा में एक व्यक्ति की मौत हुई है.

पुलिस का कहना है कि बनासकांठा ज़िले में गढ़ पुलिस स्टेशन पर लोगों ने हमला किया था.

गुजरात के अहमदाबाद के नौ थाना क्षेत्रों, सूरत के दो थाना क्षेत्रों समेत राज्य की 17 जगहों पर एहतियातन कर्फ़्यू लगाया गया है.

राज्य में सुरक्षा स्थिति को देखते हुए सेना को बुला लिया गया है.

डीजीपी पीसी ठाकुर के अनुसार, "राज्य के सभी वरिष्ठ नेताओं और धर्म गुरुओं ने लोगों से क़ानून व्यवस्था बनाए रखने और अफ़वाहों की ज़द में ना आने की अपील की है."

उन्होंने कहा कि कुल मिला कर राज्य में स्थिति नियंत्रण में है.

हिंसा की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन से राज्य के सभी शिक्षण संस्थाओं को बंद रखने के आदेश दिए हैं. वहीं पटेल समुदाय ने बुधवार को गुजरात बंद की अपील की है.

मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. उन्होंने लोगों से ऐसा काम न करने की अपील की है जिससे राज्य में क़ानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़े.

आगज़नी की घटनाएं

आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे गुजरात के पटेल समुदाय के लोग मंगलवार रात उग्र हो गए और कई जगह अागज़नी की.

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इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हार्दिक पटेल को मंगलवार देर शाम पुलिस ने हिरासत में ले लिया था. इसके बाद उनके समर्थक उग्र हो गए.

उनके समर्थकों ने क़रीब 50 बसों और अन्य गाड़ियों में आग लगा दी. हिंसा बढ़ती देख सरकार ने मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया.

हालाकि बुधवार तड़के दो-तीन बजे के बाद हिंसा में कमी आने की बात कही जा रही है.

लेकिन प्रशासन ने मोबाइल इंटरनेट पर लगी पाबंदी को फ़िलहाल जारी रखने का फ़ैसला किया है.

मांगपत्र

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अन्य पिछड़ा वर्ग में आरक्षण की मांग को लेकर पटेल समुदाय आंदोलन कर रहा है. इसका नेतृत्व 22 साल के हार्दिक पटेल कर रहे हैं.

उनके नेतृत्व में मंगलवार को अहमदाबाद के जीएमडीसी मैदान में रैली का आयोजन किया था. इसमें लाखों की संख्या में लोग सूबे के अलग-अलग हिस्सों से शामिल होने के लिए आए थे.

हार्दिक पटेल ने जीएमडीसी मैदान से तब तक न जाने की घोषणा की थी, जब तक मुख्यमंत्री आनंदीबेन वहाँ आकर मांगपत्र नहीं लेती हैं.

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