ये गड़बड़ियां की नहीं कि मिला इनकम टैक्स का नोटिस

  • 28 अगस्त 2015
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इनकम टैक्स रिटर्न भरते हुए करदाता को कई सवालों या उलझनों से जूझना पड़ता है.

बीबीसी हिंदी ने ऐसी उलझनों को दूर करने के लिए पाठकों से फ़ेसबुक पर सवाल मंगाए. कुछ आम और दिलचस्प सवाल और उनका जवाब दिया टैक्स एक्सपर्ट कृष्ण मल्होत्रा ने.

टैक्स रिटर्न दो तरीके से हो सकता है. ई-फ़ाइलिंग और पेपर फाइलिंग. दोनों तरीके से इसे इनकम टैक्स विभाग में जमा करना होता है.

ई-फ़ाइलिंग किनके लिए अनिवार्य

  • जिनकी आय 5 लाख रुपए से अधिक है.
  • जिसकी संपत्ति भारत से बाहर है.
  • जिन्हें रिफंड हासिल करना है.
  • लेकिन 80 साल और उससे अधिक की उम्र के लोगों को इससे छूट दी गई है.

आधार, पासपोर्ट नंबर ज़रूरी?

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  • फॉर्म में दोनों ही जानकारियां मांगी गई हैं. अगर आपके पास आधार नंबर और पासपोर्ट नंबर है तो इनकी जानकारी दी जानी चाहिए.
  • ITR भरते समय सभी प्रकार के जमा खातों और क़र्ज़ आदि का विवरण देना आवश्यक है.
  • जो बैंक सक्रिय हैं (तीन साल पुराने निष्क्रिय खाते शामिल नहीं) की जानकारी घोषित करनी चाहिए. ये जानकारियां फॉर्म में मांगी गई हैं.
  • विदेशी संपत्ति होने की सूरत में इसे रिटर्न में घोषित किया जाना चाहिए.

31 अगस्त तक रिटर्न नहीं भरा तो

सभी व्यक्ति रिटर्न 31 अगस्त के बाद भी दाखिल कर सकते हैं. लेकिन इस तारीख़ के बाद विभिन्न स्थितियों के हिसाब से इनकम टैक्स विभाग पेनल्टी वसूल सकता है.

यही नहीं किसी तरह की गलती होने की स्थिति में संशोधित रिटर्न भी दाखिल किया जा सकता है.

सामान्य ग़लतियां

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  • एफ़डी और आरडी से मिले ब्याज को न दिखाना
  • टीडीएस (स्रोतों पर टैक्स कटौती) का ब्यौरा नहीं देना
  • किराये का कनफ्यूज़न: अगर करदाता के पास दूसरा घर है लेकिन वह खाली है, तब भी इसकी जानकारी रिटर्न में ज़रूर देनी चाहिए. क्योंकि किराए से कोई नहीं होने पर भी संपत्ति पर कैपिटल गेन टैक्स लगता है. इसलिए उस इलाके में चल रहे किराए का औसत भरें.
  • सैलरीड हैं, लेकिन दूसरे स्रोतों से भी आय है तो इसकी जानकारी नहीं देना.

किन वजहों से नोटिस?

  • इनकम टैक्स अधिकारी को लगे कि आमदनी छिपाई गई है
  • इनकम टैक्स रिटर्न न भरने के लिए
  • अगर रिटर्न भरने में गड़बड़ी की गई है
  • टैक्स, ब्याज, पेनल्टी या फ़ाइन के लिए नोटिस

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