शॉपिंग वेबसाइट पर विदेशी मॉडलों का दबदबा

  • 2 सितंबर 2015
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इंटरनेट शॉपिंग में भारतीय ग्राहकों को लुभाने के लिए विदेशी मॉडलों का सहारा लेने का चलन तेज़ी से बढ़ रहा है.

इन वेबसाइट पर कुर्ता, लहंगा, साड़ी या सलवार क़मीज़ जैसे सभी भारतीय परिधानों को पहने नज़र आ रही हैं विदेशी मॉडल्स.

असल में इंटरनेट और फ़ैशन दोनों ही बहुत तेज़ी से बदलते हैं. इसीलिए इंटरनेट पर ट्रेंड्स और फ़ैशन में मौसम के मुताबिक़ कपड़े भी बदलते हैं.

दोनों को ही क़दम से क़दम मिलाकर चलना पड़ता है.

विदेशी मॉडल्स और देसी कपड़े क्यों?

फ्रीलांस स्टाइलिस्ट अनिल होसमनी पिछले 13 सालों से मॉडल्स को कई नामी ब्रांड्स के लिए तैयार कर रहे हैं.

आजकल एक ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट के नए कैंपेन में अनिल व्यस्त हैं, जहाँ रूस, ब्राज़ील, स्लोवेनिया जैसे देशों से मॉडल्स आई हैं.

कमाल की बात ये है कि ये सभी मॉडल्स भारतीय कपड़ों को पहन वेबसाइट के लिए पोज़ करती हैं.

फ़िटनेस है कारण

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अनिल कहते हैं, "क्योंकि विदेश से आईं मॉडल्स भारतीय मॉडल्स के मुक़ाबले ज़्यादा फ़िट होतीं हैं, इसीलिए वो हमारी पहली पसंद हैं."

"भारत में ज़्यादातर मॉडल्स अपने टॉप यानी शरीर के ऊपरी हिस्से पर ज़्यादा ध्यान देती हैं, वहीं विदेशी मॉडल्स का पूरा शरीर संतुलित होता है, जो उन्हें हर क़िस्म के प्रोडक्ट के लिए फ़िट बनाता है."

एक दिन में इन मॉडल्स को लगभग 80 से 90 बार कपड़े बदल कर तस्वीरें खिंचवानी पड़ती हैं.

विदेशी मॉडल्स के काम के प्रति प्रोफ़ेशनल रवैये के बारे में अनिल बताते हैं, "भारतीय मॉडल्स के मुक़ाबले विदेशी मॉडल्स ज़्यादा खुलेपन में विश्वास रखती हैं, वो बेझिझक जैसा कहो वैसा करती हैं. इससे हमारा काम आसान हो जाता है क्योंकि हम उनसे कम समय में ज़्यादा काम करा पाते हैं."

विदेशी मॉडल्स भारत आते कैसे हैं?

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ऑनलाइन शॉपिंग की फ़ोटोग्राफ़ी बड़े बड़े स्टूडियोज़ में होती है.

ऐसे ही एक स्टूडियो - अर्बन स्टूडियोज़, गुडगाँव के क्रिएटिव हेड नवेद महताब बताते हैं, "हमारे यहाँ कई देशों से मॉडल्स आती हैं. इन मॉडल्स को देश-विदेश से कई एजेंसी लेकर आती हैं."

"एक एजेंसी इन मॉडल्स के देश की और एक भारत में - दोनों मिलकर, क्लाइंट की ज़रूरत के मुताबिक़ इन मॉडल्स को भारत बुलाते हैं."

"ये ज़्यादातर 3 से 4 महीने के वीज़ा पर भारत आते हैं. इस बीच वो मॉडलिंग कर पैसे कमाते हैं साथ ही भारत भी घूमते हैं."

अर्बन स्टूडियोज़ में ऑनलाइन शॉपिंग के सभी बड़े ब्रांड अपने प्रोडक्ट की फ़ोटोग्राफ़ी कराते हैं.

पिछले पांच सालों में ऑनलाइन शॉपिंग काफ़ी ज़ोरों से बढ़ी है.

नवेद कहते हैं, "पहले सिर्फ़ मॉडल के पास रैंप होता था या कुछ टीवी विज्ञापन, पर ऑनलाइन शॉपिंग के आने से जैसे जैसे इनपर बिकने वाले सामान बढ़े हैं वैसे-वैसे इन सामानों को बेचने के लिए मॉडल्स की डिमांड भी बढ़ी है."

मॉडल्स क्या कहते हैं.…

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रूस से आई मॉडल दारिया बताती है, "मैं यहाँ चार महीने के लिए भारत पहली बार आई हूँ. मुझे नहीं पता की लोग मुझे भारतीय वेश-भूषा में देख कपड़े ऑनलाइन ख़रीदेंगे या नहीं."

"लेकिन अगर एक ख़ूबसूरत मॉडल एक कुर्ते में अच्छी लग रही है तो शायद उन्हें पसंद आए. मुझे इस काम में बेहद मज़ा आ रहा है."

वहीँ भारतीय मॉडल रघु काटल जो अन्य ऑनलाइन वेबसाइट के लिए शूट कर चुके हैं, का कहना है कि विदेशी मॉडल आजकल के ऑनलाइन मार्केट की डिमांड है.

उनका मानना है कि विदेशी मॉडल के रंग और रूप पर भारतीय ग्राहक और कंपनी-दोनों ही फ़िदा हो जाते हैं. और यही बात उन्हें मॉडल बनाती है.

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