बिहार: '25 साल से राज कर रहे लोग हिसाब दें'

  • 1 सितंबर 2015
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के भागलपुर में कहा है कि पिछले 25 साल से जिन लोगों ने बिहार पर राज किया है वे अपने काम का हिसाब दें. उन्होंने बिहार के लोगों से अपील की कि वे इस चुनाव में विकास के मुद्दे पर वोट करें.

बिहार में चौथी 'परिवर्तन रैली' को संबोधित करते हुए मोदी ने आरोप लगाया कि केंद्र से बिहार के विकास के लिए जो पैसा दिया जा रहा है उसका इस्तेमाल नहीं हो रहा है.

राष्ट्रीय जतना दल, जनता दल यूनाइटेड और कांग्रेस की पटना में साझा रैली के बाद यह मोदी की पहली रैली है.

रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, "25 साल से जिन लोगों ने बिहार में राज किया है उन लोगों को अपने काम का हिसाब देना चाहिए. क्या काम किया ये बताना चाहिए. कैसे किया ये भी बताना चाहिए."

उन्होंने कहा, "मैं वादा करता हूं पांच साल के बाद 2019 में जब लोकसभा का चुनाव आएगा, मैं फिर से आपके पास वोट मांगने आउंगा. मैं अपने काम का हिसाब दूंगा. लोकतंत्र में जो सरकार में बैठे हैं उनकी ज़िम्मेदारी बनती है कि 25 साल के काम का हिसाब दें. ये लोग काम का हिसाब नहीं दे रहे हैं."

'जनता खेल समझ गई'

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नरेंद्र मोदी ने रैली में कहा, "कांग्रेस ने जेपी को जेल में बंद कर दिया था. इन सबका एक ही कार्यक्रम था....मोदी मोदी मोदी मोदी. मैं सोच रहा था कि एनडीए की सभाओं में नौजवान तो मोदी, मोदी करते थे लेकिन मैं हैरान था कि ये भी मोदी-मोदी कर रहे थे."

मोदी ने कहा, "मैंने आरा में एक लाख 25000 करोड़ का पैकेज घोषित किया और 40 हज़ार करोड़ रुपए आगे बढ़ाने का निर्णय किया. कुल मिलाकर दिल्ली के खज़ाने से 165 लाख करोड़ घोषित किए गए. ये लोग दो दिन तो हमारे पैकेज का मज़ाक उड़ाते रहे, लेकिन बिहार की जनता के गले से नहीं उतरा और बिहार की जनता ये खेल समझ गई."

भागलपुर में बड़ी तादाद में मुसलमान आबादी है और नीतीश के नेतृत्व वाला गठबंधन मुसलमानों के मतों को अपनी तरफ़ रखने के लिए ख़ास तौर पर मेहनत कर रहा है. मोदी की रैली का इस लिहाज से काफी महत्व है.

'पैसे की कमी नहीं'

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मोदी का कहना था कि पैसे की कोई कमी नहीं है और भारत सरकार ने जो बिहार को पैसे दिए, उनमें से कई करोड़ रुपए खर्च नहीं हुए हैं.

नरेंद्र मोदी ने बिहार सरकार पर सवाल खड़े करते हुए कहा, "पैसे हों, लेकिन काम नहीं हो तो ऐसी सरकार को हटाना चाहिए कि नहीं? ग़रीब को दवा मिलनी चाहिए, बीमार को डॉक्टर मिलना चाहिए?"

उनका कहना था कि वे बिहार को कभी भूले नहीं हैं.

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