स्मार्टफ़ोन अब बैंक बनने को तैयार

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सभी बैंकों को आपके मोबाइल फ़ोन पर थोड़ी जगह चाहिए

कई दशकों से आपके साथी रहे पड़ोस के बैंक को अब मोबाइल फ़ोन से कड़ी टक्कर मिलेगी. पिछले महीने रिज़र्व बैंक ने 11 कंपनियों को पेमेंट बैंक लाइसेंस देने का फैसला किया है.

देश में कम-से-कम 20 करोड़ ग्राहक हैं जिनके पास स्मार्टफोन है और करोड़ों लोग नए स्मार्टफोन खरीदने की तैयारी कर रहे हैं.

ये लोग अब बैंक जाने के बदले अपने फ़ोन से ही बैंकिंग कर सकते हैं, चूंकि ऐसे ज़्यादातर वो लोग हैं जो कि 20-30 साल की उम्र के हैं, इसलिए ये बदलाव बहुत तेज़ी से होने की उम्मीद है.

मोबाइल वॉलेट

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ऐसे ही ग्राहकों तक पहुंचने के लिए हर बैंक आजकल मोबाइल वॉलेट लॉन्च कर रहा है. आईसीआईसीआई बैंक ने पॉकेट्स लांच किया है, एक्सिस बैंक ने पिंगपे, एचडीएफ़सी बैंक ने पेज़ैप और स्टेट बैंक ने एसबीआईपॉकेट्स. सभी बैंक चाहते हैं कि अब आप जेब में रखने के बदले स्मार्टफ़ोन में पैसे रखें.

लेकिन ग्राहक का मूड कुछ और ही लगता है. कई लोग पेटीएम, ऑक्सीजन जैसे ऐप डाउनलोड करके पेमेंट कर रहे हैं.

जब भी आपको कहीं पैसे देने हैं तो बस अपने स्क्रीन को टैप किया और आपके अकाउंट से दुसरे अकाउंट में पैसे चले जाएंगे. पेटीएम के अब 10 करोड़ ग्राहक हैं और अब बैंकों को उससे और उस जैसी दूसरी कंपनियों से ज़बरदस्त टक्कर मिलेगी.

उम्मीद की जा रही है कि अगले 18 महीने में पेमेंट बैंक काम करना शुरू कर देंगे. बैंकों के बीच अब लड़ाई पैसे की खनक के लिए नहीं, बल्कि मोबाइल फ़ोन के नोटिफिकेशन टोन के लिए होगी.

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