बिहार: महागठबंधन से अलग हुई समाजवादी पार्टी

समाजवादी पार्टी ने घोषणा की है कि वो बिहार में अलग चुनाव लड़ेगी.

पार्टी नेता राम गोपाल यादव ने लखनऊ में प्रेस कांफ्रेस कर कहा कि उनकी पार्टी बिहार में जेडीयू, आरजेडी और कांग्रेस के महागठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगी.

उन्होंने कहा, "जनता परिवार कब एक हो पाया है."

पार्टी बिहार में गठबंधन की तरफ़ से दी गई पांच सीटें दिए जाने से नाराज़ है.

जेडीयू प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा है कि वो समाजवादी पार्टी से अपने फैसले पर फिर से विचार करने को कहेंगे.

वहीं भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि 'महागठबंधन के सबसे बड़े नेता मुलायम सिंह यादव ही अलग हो गए, तो गठबंधन में बचा क्या?'

उन्होंने समाजवादी पार्टी के फैसले पर ट्वीट किया, "टूट की शुरुआत."

'अपमानित'

पिछले दिनों पटना के गांधी मैदान में महागठबंधन की रैली में समाजवादी पार्टी की तरफ़ से शिवपाल यादव ने हिस्सा लिया था.

Image caption बिहार में भाजपा का मुक़ाबला करने के लिए महागठबंधन बना है

बिहार में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने हैं जिसमें मुख्य मुक़ाबला महागठबंधन और भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन के बीच है.

राम गोपाल यादव ने कहा कि सीटों के बंटवारे पर उनकी पार्टी से सलाह मशविरा नहीं किया गया, जिससे वो 'अपमानित' महसूस करते हैं.

उन्होंने कहा कि अब समाजवादी पार्टी अपने दम पर बिहार में चुनाव लड़ेगी.

लेकिन पत्रकारों ने जब उनसे कुछ दिनों पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाक़ात के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से मिलना कोई पाप तो नहीं है.

समाजवादी पार्टी के इस फ़ैसले को नोएडा के पूर्व चीफ़ इंजीनियर यादव सिंह से जो़ड़कर देखा जा रहा है.

पत्रकारों से इस बारे में पूछे गए सवाल पर रामगोपाल ने कहा कि उनकी पार्टी का यादव सिंह से कोई लेना देना नहीं है.

भ्रष्टाचार के आरोप में घिरे यादव सिंह की जांच सीबीआई कर रही है.

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