रिश्तेदारी के दम पर मुलायम को मनाएँगे लालू

  • 4 सितंबर 2015
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समाजवादी पार्टी के प्रस्तावित जनता परिवार से अलग होने की घोषणा के बाद अब मान-मनौव्वल का दौर शुरू हो रहा है.

सपा ने बिहार में महागठबंधन से अलग होकर चुनाव लड़ने का भी ऐलान किया था.

राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने दिल्ली आकर मुलायम सिंह यादव से मुलाक़ात की है. मुलायम सिंह यादव लालू यादव के रिश्तेदार भी हैं.

मुलाक़ात के बाद पत्रकारों से बातचीत में लालू प्रसाद यादव ने कहा कि उन्होंने मुलायम सिंह से आग्रह किया है कि वे इस पर फिर से विचार करें.

उन्होंने कहा, "मुलायम सिंह यादव न सिर्फ़ हम लोगों के अभिभावक हैं बल्कि हमारे रिश्तेदार भी हैं. वे हमलोगों को बुलाकर फिर बात कर सकते हैं. उन पर हमलोगों का हक़ है."

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी उम्मीद जताई है कि ये मुद्दा जल्द ही हल हो जाएगा और समाजवादी पार्टी धर्मनिरपेक्ष गठबंधन में लौट आएगी.

नाराज़गी

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उन्होंने कहा, "हम ये जानने की कोशिश कर रहे हैं कि सपा को क्या हुआ कि वो गठबंधन से हट गई. मैंने दो दिन पहले ही मुलायम सिंह से बात की थी, लेकिन ऐसा कुछ लगा नहीं था कि वे गठबंधन से अलग हो जाएँगे. स्वाभिमान रैली में भी सपा के मंत्री शिवपाल सिंह यादव शामिल हुए थे."

समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव ने गुरुवार को ये आरोप लगाया था कि उनकी पार्टी से बिहार में सीटों के बँटवारे पर सलाह नहीं ली गई.

पहले बिहार में 100-100 सीटें जनता दल-यू और राजद को दी गई थी, कांग्रेस को 40 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के लिए तीन सीटें दी गई थी.

इस बँटवारे से नाराज़ होकर एनसीपी भी गठबंधन से अलग हो गई. बाद में लालू यादव ने घोषणा की कि वे अपने खाते से दो सीटें मिलाकर समाजवादी पार्टी को कुल पाँच सीटें देंगे.

लेकिन अब समाजवादी पार्टी इसे भी पर्याप्त नहीं मान रही है.

जनता दल- यू के अध्यक्ष शरद यादव ने गुरुवार को मुलायम सिंह यादव से मुलाक़ात की थी.

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