वन रैंक वन पेंशन पर भाजपा-कांग्रेस जंग

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वन रैंक वन पेंशन लागू करने की केंद्र सरकार की घोषणा के साथ ही एक नई तरह की जंग शुरू हो गई है.

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने घोषणा करने से पहले यूपीए सरकार को जमकर कोसा और बताया कि कैसे पी चिदंबरम ने बिना सोचे-समझे इस मद में सिर्फ़ 500 करोड़ रुपए का प्रावधन किया था, जो पर्याप्त नहीं था.

सरकार ने वन रैंक वन पेंशन लागू किया

पूर्व सैनिक असंतुष्ट, जारी रहेगा आंदोलन

रक्षा मंत्री की घोषणा के बाद कांग्रेस ने सरकार को घेरने की रणनीति बनाई, तो सरकार के मंत्रियों और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने वाहवाही का ज़िम्मा संभाला.

आइए नज़र डालते हैं दोनों पक्षों के नेताओं के बयानों पर.

राजनाथ सिंह, गृह मंत्री और भाजपा नेता

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कोई कमी रह गई होगी, तो देखेंगे.

एके एंटनी, पूर्व रक्षा मंत्री और कांग्रेस नेता

ओआरओपी पर आज की घोषणा पूरी तरह निराशाजनक है. मैंने इसे लागू करने के लिए और राशि मांगी थी.

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह

ओआरओपी पर कांग्रेस का फ़ैसला मज़ाक था. मोदी सरकार ने अपना वादा पूरा किया है और पूर्व सैनिकों को आर्थिक सुरक्षा दी है.

कपिल सिब्बल, कांग्रेस नेता

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वीआरएस लेने वाले पूर्व सैनिकों की संख्या 46 प्रतिशत है, लेकिन वे पेंशन के हकदार नहीं. ये धोखा है.

केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़

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पिछले 42 वर्षों में कांग्रेस की सरकार ओआरओपी पर कुछ कर नहीं पाई.

आनंद शर्मा, कांग्रेस नेता

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सरकार ने स्थितियों को हाथ से बाहर जाने दिया. उन्हें इसमें देरी नहीं करनी चाहिए थी.

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल

ओआरओपी लागू करने के ऐतिहासिक मौक़े पर मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देता हूँ.

वेंकैया नायडू, केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता

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कांग्रेस को ओआरओपी मुद्दे पर हम पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं. उन्होंने इसे आंशिक रूप से ही क्यों लागू नहीं किया.

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