आईएस के ख़िलाफ़ आए कई भारतीय मौलवी

  • 9 सितंबर 2015
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भारत में एक हज़ार से ज़्यादा मुस्लिम धार्मिक नेताओं ने चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट की निंदा करने वाले एक बयान का समर्थन किया है.

देश भर में सैकड़ों मस्जिदों, शैक्षणिक संस्थानों और नागरिक अधिकार समूहों के नेताओं ने इस बयान पर हस्ताक्षर किए हैं.

इसके मुताबिक़ इस्लामिक स्टेट की कार्रवाइयां इस्लाम के बुनियादी सिद्धांतों के विपरीत हैं.

मुस्लिम धार्मिक नेताओं का कहना है कि इस बयान को समर्थन के लिए 50 से भी ज़्यादा देशों के नेताओं को भेजा गया है. इस बयान को संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून के पास भी भेजा गया है.

आईएस बना चुनौती

भारत दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम आबादी वाले देशों में से एक है.

भारतीय अधिकारियों ने हाल के महीनों में बीस से ज़्यादा युवाओं को सीरिया और इराक़ जाने से रोका है जो वहां कथित तौर पर इस्लामिक स्टेट में भर्ती होना चाहते थे.

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Image caption इस्लामिक स्टेट ने हाल में अपने सिक्के भी जारी किए

इस्लामिक स्टेट ने सीरिया और इराक़ के एक बड़े हिस्से पर नियंत्रण कर रखा है और ये पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी चुनौती के तौर पर उभरा है.

आईएस की हिंसक गतिविधियों और उनके वीडियो आए दिन सुर्ख़ियों में रहते हैं.

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