सऊदी राजनयिक पर बलात्कार का आरोप

बलात्कार पीड़ित की फाइल फोटो इमेज कॉपीरइट Reuters

दिल्ली से सटे गुड़गांव में पुलिस का कहना है कि सऊदी अरब के एक राजनयिक के ख़िलाफ़ दो नेपाली महिलाओं के साथ कथित बलात्कार के मामले में जाँच की जा रही है.

इन नेपाली महिलाओं का दावा है कि उन्हें अगवा किया गया और राजनयिक ने एक फ्लैट में उनके साथ बार-बार 'बलात्कार' किया.

गुड़गांव पुलिस आयुक्त नवदीप सिंह किर्क ने बुधवार को एक प्रेस वार्ता में कहा कि जिन लोगों पर बलात्कार करने के आरोप लगाए गए हैं, पुलिस ने उनकी पहचान कर ली है.

पुलिस के अनुसार फ़्लैट में रहने वाले लोगों को राजनयिक सुरक्षा हासिल है जिसके कारण उन्हें गिरफ़्तार नहीं किया जा सकता है.

पुलिस आयुक्त के अनुसार भारतीय विदेश मंत्रालय को इस बारे में सूचित किया जा चुका है और विदेश मंत्रालय ने गुड़गांव पुलिस से मामले की पूरी रिपोर्ट मांगी है.

स्वंयसेवी संस्था 'माइटी नेपाल' के प्रमुख बालकृष्ण पांडे ने बीबीसी नेपाली सेवा के सुरेंद्र फुयाल को बताया कि इनमें से एक महिला की उम्र 50 साल और दूसरी की 30 साल है. एक महिला नेपाल के मोरंग और दूसरी बांग्लुंग की रहने वाली है.

बालकृष्ण पांडे ने ये भी बताया कि इन महिलाओं को पहले सऊदी अरब ले जाया गया था और पांच महीने पहले ही ये गुडगांव आईं थीं.

एनजीओ की भूमिका

गुड़गांव पुलिस का कहना है कि गुडगांव के इस फ्लैट को दिल्ली स्थित सऊदी अरब के दूतावास ने किराए पर लिया था.

गुड़गांव पुलिस के अनुसार आरोप लगाने वाली नेपाली महिलाओं का कहना है कि पहले उन्हें सऊदी अरब के जेद्दा शहर ले जाया गया, जहां वे घरेलू काम करती थीं और फिर उनके साथ बलात्कार किया गया.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ गुड़गांव पुलिस का कहना है कि जब एक नई महिला घरेलू कर्मचारी काम करने इस फ्लैट में पहुंची तो उसे नेपाली महिलाओं की कथित दशा का पता चला और फिर उसने एक एनजीओ को इस बारे में बताया.

एनजीओ के मार्फ़त मामला पुलिस तक पहुंचा. इसके बाद गुड़गांव पुलिस ने डीएलएफ़ फेज़ 2 में एक फ़्लैट पर छापा मारकर दो महिलाओं को छुड़ाया.

इस संबंध में नेपाल के राजदूत दीप उपाध्याय ने बीबीसी को बताया कि आरंभिक जानकारी के मुताबिक़ ये गंभीर जघन्य अपराध है और पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने की कोशिश जारी है.

स्वंयसेवी संस्था माइटी नेपाल के बालकृष्ण पांडे का कहना है कि क़ानूनी प्रक्रिया के बाद इन दोनों महिलाओं को नेपाल वापस ले जाने की तैयारी है.

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