गोमांस पर प्रतिबंध लागू हो: कश्मीर हाई कोर्ट

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भारत प्रशासित कश्मीर की शीर्ष अदालत ने जम्मू-कश्मीर राज्य में गोमांस बेचने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है.

प्रतिबंध पर मज़हबी और अलगाववादी गुटों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.

कश्मीर हाई कोर्ट के जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर और जस्टिस जनक राज कोतवाल की डिविज़न बेंच ने एडवोकेट पी सेठ की जनहित याचिका पर बुधवार को यह आदेश दिया.

जम्मू-कश्मीर का क़ानून वैसे भी गोवंश के जानवरों को मांस के लिए मारने की इजाज़त नहीं देता है, लेकिन राज्य के मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में अक्सर इसकी अवहेलना होती रही है.

विरोध के स्वर

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Image caption अलगाववादी नेता मीरवाइज़ उमर फारूक़

गोमांस पर प्रतिबंध की वजह से 1980 के दशक में तब काफ़ी प्रदर्शन हुए थे जब जब क़ाज़ी निसार नामक एक मज़हबी नेता ने दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग इलाक़े में सरेआम एक बैल को काटा था.

मरहूम क़ाज़ी निसार के बेटे क़ाज़ी यासिर का कहना है, ''गोमांस खाने की मुसलमानों को इजाज़त है और इस धरती की कोई ताक़त हमें हलाल खाने से रोक नहीं सकती.''

कश्मीर हाई कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक को आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा है. अदालत ने पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए हैं कि वो सभी ज़िले के पुलिस अधिकारियों को इस प्रतिबंध को लागू कराने के लिए सख़्त हिदायत दें.

इस बीच सूबे के अलगाववादी नेता इस प्रतिबंध का जवाब देने की तैयारी कर रहे हैं.

अलगाववादी नेता मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ का कहना है, ''हमने इस बारे में एक आपात बैठक बुलाई है.''

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