जापान में होती है हिंदू देवताओं की पूजा

  • 12 दिसंबर 2015
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Image caption क्योटो के गणेश

जापान में हिन्दू देवी देवताओं की पूजा की जाती है, ये बात कम ही लोगों को मालूम होगी.

जापान में कई हिन्दू देवी-देवताओं को जैसे ब्रह्मा, गणेश, गरुड़, वायु, वरुण आदि की पूजा आज भी की जाती है.

कुछ माह पहले नई दिल्ली में फोटोग्राफ़र बेनोय के बहल के फोटोग्राफ़्स की एक प्रदर्शनी हुई, जिससे जापानी देवी-देवताओं की झलक मिली.

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Image caption अग्नि जिसको जापानी भाषा में कातीन कहा जाता है

बेनोय के मुताबिक हिंदी के कई शब्द जापानी भाषा में सुनाई देते हैं.

ऐसा ही एक शब्द है ‘सेवा’ जिसका मतलब जापानी में भी वही है जो हिंदी में होता है.

बेनोय कहते हैं कि जापानी किसी भी प्रार्थना का अनुवाद नहीं करते, उनको लगता है कि ऐसा करने से इसकी शक्ति और असर कम हो जाएगा.

लिम्का वर्ल्ड रिकॉर्ड

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भारतीय सभ्यता के रंग जापान में देखने को मिलते हैं. सरस्वती के कई मंदिर भी जापान में देखने को मिलते हैं.

संस्कृत में लिखी पांडुलिपियाँ कई जापानी घरों में मिल जाती है.

बेनोय का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में 'मोस्ट ट्रेवल्ड फोटोग्राफ़र' के रूप में दर्ज है.

आधार

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Image caption बेनोय के बहल

जापान की राजधानी टोक्यो में पांचवी शताब्दी की सिद्धम स्क्रिप्ट को आज भी देखा जा सकता है. इसे गोकोकुजी कहते हैं.

बेनोय का कहना है कि ये लिपि पांचवी शताब्दी से जापान में चल रही है और इसका नाम सिद्धम है. भारत में ऐसी कोई जगह नहीं, जहाँ ये पाई जाती हो.

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Image caption ब्रह्मा, गणेश, गरुड़, वायु और वरुण की पूजा आज भी जापान में की जाती है

आज भी जापान की भाषा काना में कई संस्कृत के शब्द सुनाई देते हैं. इतना ही नहीं काना का आधार ही संस्कृत है.

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Image caption ओसाका में सरस्वती मंदिर जिसको बेन्ज़ातें श्राइन कहते हैं ,

बहल के अनुसार जापान की मुख्य दूध कंपनी का नाम सुजाता है.

उस कंपनी के अधिकारी ने बताया कि ये उसी युवती का नाम है जिसने बुद्ध को निर्वाण से पहले खीर खिलाई थी.

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