गुजरात के पांच सबसे संपन्न पटेल ख़ानदान

  • 14 सितंबर 2015
हार्दिक पटेल इमेज कॉपीरइट BBC World Service

अमरीका और ब्रिटेन में पटेल सबसे अधिक जाना पहचाना नाम है और इन्हें अप्रवासी भारतीयों की संपन्नता के प्रतीक के रूप में देखा जाता है.

गुजरात में तो करोड़पति पटेलों की एक लंबी फ़हरिस्त है. समाज विज्ञानियों का अनुमान है कि गुजरात में दस करोड़ रुपये से अधिक कारोबार वाली 6,100 औद्योगिक इकाइयों में 1,700 पटेलों की हैं.

इस राज्य में 90 लाख ताक़तवर सदस्यों वाले पाटीदार समूह की 25 फ़ीसदी आबादी खेती से जुड़ी है.

लेकिन गुजरात में ज़्यादातर पाटीदार कारोबारी हैं. इनमें से कईयों ने मुख्यमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी के 13 साल के कार्यकाल के दौरान अपनी संपत्ति में 10 गुना तक का इज़ाफ़ा देखा है.

ऐसे समय में जब 22 वर्षीय हार्दिक पटेल पूरे देश में सुर्ख़ियों में हैं, यह देखना दिलचस्प होगा कि वर्तमान में गुजरात के पटेल समुदाय के शीर्ष पांच प्रभावशाली, लोकप्रिय और अमीर लोग कौन हैं?

पंकज आर पटेल

पंकज पटेल को साल 2015 में भारत का 20वां सबसे धनी व्यक्ति घोषित किया गया था.

उनकी कंपनी ज़ाइडस कैडिला भारत की पांचवी सबसे बड़ी फ़ार्मा कंपनी है, जिसका बाज़ार पूंजीकरण 17,500 करोड़ रुपये से भी ज़्यादा है.

इनकी कुल संपत्ति 4.2 अरब डॉलर है और उनका कारोबार 50 देशों में फैला हुआ है.

उन्होंने क़रीब 1500 कर्मचारियों वाली एक स्थानीय कंपनी को वैश्विक फ़ार्मा कंपनी में तब्दील कर दिया, जिसमें आज 11 हज़ार कर्मचारी काम करते हैं.

वह एक प्राइवेट जेट के मालिक हैं और मौजूदा सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी के सबसे अहम दानदाता भी हैं.

करसन पटेल

इमेज कॉपीरइट NIRMA

घर-घर में मशहूर नाम निरमा डिटर्जेंट कंपनी के मालिक करसन पटेल 100 धनी भारतीयों की सूची में 86वें पायदान पर आते हैं.

कभी लैब असिस्टेंट की नौकरी करने वाले पटेल की आज अपनी कंपनी है, जिसका कारोबार चार हज़ार करोड़ रुपए है. इस कंपनी में 15 हज़ार लोग काम करते हैं.

डिटर्जेंट और सीमेंट कारोबार के अलावा वे अहमदाबाद की सबसे बड़ी डीम्ड यूनिवर्सिटी 'निरमा यूनिवर्सिटी' का प्रबंधन भी संभालते हैं.

बीजेपी के सक्रिय दानदाता करसन पटेल का अहमदाबाद के एसजी हाईवे पर मौजूद विशाल घर उनकी संपन्नता को बयां करता है.

सावजी ढोलकिया

इमेज कॉपीरइट HarikrishnaExports

छह हज़ार करोड़ रुपए से अधिक के हीरे के निर्यात का कारोबार संभालने वाले सावजी ढोलकिया अपने कर्मचारियों में काफ़ी लोकप्रिय हैं.

उन्होंने पिछले साल अपने 1200 से ज़्यादा कर्मचारियों को 207 फ़्लैट, 424 कारें और गहने दीपावली के उपहार के तौर पर बांटे थे.

हरिकृष्णा एक्सपोर्ट के मालिक ढोलकिया यूरोप को निर्यात होने वाले हीरों के सबसे बड़े कारोबारी हैं. ढोलकिया गुजरात के अमरेली इलाक़े के एक किसान परिवार से आते हैं.

गुजरात में हीरे के कारोबार में लगे पांच लाख लोगों में अधिकांश पाटीदार समुदाय से हैं.

इस कारोबार में आई मंदी ने अधिकांश पटेलों को गुजरात में हुए पाटीदार आंदोलन में जोड़ने का रास्ता दिखाया.

विष्णु पटेल

इमेज कॉपीरइट Sadbhav Enjineering

विष्णु पटेल वर्ष 1988 में शुरू हुई पांच हज़ार करोड़ रुपये की कंपनी सद्भाव इंजीनियरिंग के मालिक हैं. पिछले साल उनकी कंपनी ने बाज़ार से 400 करोड़ जुटाने के लिए बाज़ार में आईपीओ की पेशकश की थी.

गुजरात में नरेंद्र मोदी के 13 सालों के कार्यकाल में विष्णु पटेल की संपत्ति में कई गुना बढ़ोतरी हो गई. उन्होंने सरदार सरोवर परियोजना के बड़े-बड़े प्रोजेक्ट हासिल किए.

मोदी के सत्ता में आने के बाद विष्णु पटेल ने यूपी, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में बड़ी-बड़ी सड़क निर्माण परियोजनाओं के ठेके हासिल किए हैं.

फाल्गुन चिमनभाई पटेल

गुजरात के सबसे लोकप्रिय दैनिक समाचार पत्रों में से एक ‘संदेश’ के मालिक फाल्गुन पटेल गुजराती मीडिया के रुपर्ट मर्डक हैं.

पटेल की 92 साल पुरानी मीडिया कंपनी हर दिन अख़बार की 10 लाख प्रतियां छापता है. उनका मीडिया कारोबार न्यूज़ चैनल, आउटडोर एडवर्टाइज़िंग, रियल एस्टेट और डिजिटल मीडिया तक फैला है.

उनकी कंपनी का बाज़ार पूंजीकरण 500 करोड़ रुपए का है.

इनका रियल एस्टेट कारोबार 3,000 करोड़ रुपए का है. पटेल रॉल्स रॉयस जैसी महंगी गाड़ी में घूमते हैं और प्रभावशाली गुजरातियों में शुमार किए जाते हैं.

पटेल बीजेपी और कांग्रेस दोनों के क़रीबी हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार