बिहारी डीएनए नमूने, मोदी के घर लगे पहुंचने

  • 16 सितंबर 2015
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संघ परिवार की 'घर वापसी' की मुहिम भले ही कमज़ोर पड़ गयी हो. लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार का 'शब्द वापसी' अभियान ज़ोर पकड़ता जा रहा है और इसका सीधा निशाना हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी.

इन दिनों प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को प्रधानमंत्री के नाम से नाखून और बाल जैसे डीएनए के नमूनो से भरे लिफ़ाफ़े भेजे जा रहे हैं.

भेजने वालों का पता जनता दल यूनाइटेड बिहार का दफ्तर है और जिनके नाम ये लिफ़ाफ़े भेजे जा रहे हैं उसका पता है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री ऑफिस, दिल्ली.

शब्द वापसी की मुहिम

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डाक विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इन लिफ़ाफ़ों पर 'शब्द वापसी' लिखा है.

एक अधिकारी ने बताया कि एक बैग में एक हज़ार लिफ़ाफ़े होते हैं. प्रधानमंत्री के दफ्तर को डाक लेजाने वाले डाकिये के सामने 43 बैग खोले गए जिन के अंदर बाल और नाखून के नमूने भरे थे. अब तक एक लाख से अधिक लिफ़ाफ़े भेजे जा चुके हैं

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दरअसल लिफ़ाफ़े में डीएनए सैंपल भेजने की प्रक्रिया बिहार विधान सभा की चुनावी मुहिम का एक साइड शो है.

चुनावी मुहिम का हिस्सा

नरेंद्र मोदी ने 25 जुलाई को मुज़फ़्फ़रपुर की एक रैली में मुख्यमंत्री नितीश कुमार के डीएनए पर टिप्पणी की थी. प्रधानमंत्री ने कहा था कि ऐसा लगता है कि नितीश कुमार के डीएनए में कुछ गड़बड़ी है.

एक गुजराती एक बिहारी की बिहारीयत को ललकारे ये नितीश कुमार को गवारा नहीं हुआ.

नितीश कुमार ने इसे पूरे बिहारियों के अपमान से जोड़ दिया. गया शहर में 9 अगस्त की रैली से पहले उन्होंने पहले प्रधानमंत्री के नाम एक खुला पत्र लिखा और कहा कि वो अपना बयान वापस लें.

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एनडीए के बिहारी नेताओं ने कहा निजी बयान को पूरे राज्य का अपमान समझना नितीश कुमार का ग़ुरूर है.

तो क्या नितीश इज़ बिहार, बिहार इज़ नितीश?

नितीश इज़ बिहार, बिहार इज़ नितीश?

आपातकाल के ज़माने में कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष देवकांत बरुआ ने उस समय की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बारे में चापलूसी भरा बयान दिया था: 'इंडिया इज़ इंदिरा, इंदिरा इज़ इंडिया'. यानी भारत इंदिरा है और इंदिरा भारत.

बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार उस समय इंदिरा-विरोधी छात्र नेता थे.

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उन्हें याद होगा कि इस बयान से इंदिरा गांधी को कितना नुकसान पहुंचा था. लेकिन उनके विरोधी बिहारी नेताओं के अनुसार नितीश समझते हैं कि बिहार का मतलब केवल नितीश और नितीश का मतलब केवल बिहार.

नितीश कुमार ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखने के बाद डीएनए वाले मामले को अधिक तूल दिया और कहा कि जल्द ही प्रधानमंत्री को बिहार से 50 लाख लिफाफे भेजे जाएंगे जिन पर लिखा होगा 'शब्द वापसी' यानी प्रधानमंत्री डीएनए वाला अपना बयान वापस लें.

इस 'शब्द वापसी' लिफ़ाफ़ों की बौछार से प्रधानमंत्री की सेहत पर कोई फ़र्क़ पड़ा या नहीं ये कहना मुश्किल है लेकिन ये पीएमओ के स्टाफ के लिए सिर दर्द ज़रूर बन गया है.

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