एमएसजी-2: आदिवासियों को 'शैतान' कहने पर विवाद

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डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम की शुक्रवार को रिलीज होने वाली फ़िल्म एमएसजी-2 पर विवाद शुरु हो गया है.

इस फ़िल्म का जो ट्रेलर जारी किया गया है, उसे लेकर आदिवासी संगठनों में भारी नाराज़गी है.

ट्राइबल वेलफेयर सोसायटी के मध्य भारत के निदेशक प्रवीण पटेल कहते हैं,“ आदिवासी इस देश के मूल निवासी हैं और उनके साथ सदियों से अन्याय हुआ है. इस फ़िल्म में जिस तरह की टिप्पणी की गई है, वह भी अन्याय और अत्याचार है.”

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प्रवीण पटेल का कहना है कि उनका संगठन अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार गुरमीत राम रहीम के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अदालत का दरवाज़ा खटखटाएगा.

लेकिन डेरा सच्चा सौदा के हरियाणा के प्रवक्ता डॉक्टर आदित्य इंसान कहते हैं, “यह फ़िल्म राजस्थान के आदिवासी समाज की सच्ची घटनाओं पर आधारित है. फिल्म में ऐसा कुछ भी नहीं है, जिसे विवादास्पद कहा जाए. फिल्म का उद्देश्य केवल इंसानियत को बढ़ावा देना है.”

क्या है विवाद?

इस फिल्म के ट्रेलर में एक पात्र संत गुरमीत राम रहीम से कहता है, "आपने एक बहुत बड़ी गलती कर दी, आदिवासियों के इलाके में आ कर. न तो ये लोग इंसान हैं और न ही जानवर. ये शैतान हैं शैतान."

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इसके जवाब में राम रहीम कहते हैं, "अरे शैतानों को इंसान बनाने के लिए ही हम आए हैं. और इसी के लिए हमारी पूरी ज़िंदगी भी है."

इस मामले को लेकर छत्तीसगढ़ में कई आदिवासी संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया है और कुछ थानों में इस संबंध में शिकायत भी दर्ज कराई गई है.

इसके अलावा हाईकोर्ट में याचिका भी दायर करने की तैयारी है.

फ़िल्म 18 सितम्बर 2015 को रिलीज़ होने वाली है.

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