दिल्ली में प्याज़, फ़ेसबुक-ट्विटर पर जंग

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दिल्ली में प्याज़ ख़रीद पर पिछले कुछ दिनों से राज्य सरकार और मीडिया के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है.

कुछ टीवी समाचार चैनलों ने इस प्याज़ ख़रीद को 'घोटाला' बताते हुए कई ख़बरें दिखाई थीं.

वहीं दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार का कहना है कि ये सभी आरोप ग़लत और बेबुनियाद हैं.

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने फ़ेसबुक और ट्विटर पर लिखा, "केंद्र सरकार ने हमें 32.86 रुपए प्रति किलो की दर से प्याज़ दिया था. हम पर लगे सभी आरोप ग़लत हैं."

सबूत के तौर पर उन्होंने ख़रीदे गए प्याज़ की रसीद की फ़ोटोकॉपी भी पोस्ट किया है.

इसके अलावा आम आदमी पार्टी ने मंगलवार को कई अख़बारों के पहले पन्ने पर विज्ञापन भी दिए हैं.

इनमें कहा गया है कि एक निजी चैनल ने प्याज़ ख़रीद को लेकर जो झूठ फैलाए थे उसका भंडाफोड़ हो चुका है.

विज्ञापन में लिखा है कि यह चैनल मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और दिल्ली सरकार को बदनाम करने के लिए अक्सर झूठी ख़बरें चलाता है.

साथ भी विरोध भी

फ़ेसबुक और ट्विटर पर इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी की प्रशंसा और आलोचना दोनों हो रही है.

फ़ेसबुक पर अमरनाथ पांडेय लिखते हैं, "अफ़सोस है कि हमारे देश में मीडिया जब ग़लत ख़बर प्रकाशित करती है, तो उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई का कोई प्रावधान नहीं है."

प्रदीप श्रीवास्तव आप का समर्थन करते हुए कहते हैं, "हमें आपकी पार्टी और आप पर पूरा भरोसा है सर. उन्हें अफ़वाहें फैलाने दें, हम आपके साथ हैं."

दूसरी तरफ़ आप का विरोध भी कम नहीं हो रहा है. मुकेश भारती कहते हैं, "प्याज़ पर राजनीति करने की बजाय दिल्ली में डेंगू से परेशान लोगों के लिए कृपा कर कुछ करिए."

वहीं बिपिन कांडपाल लिखते हैं, "डेंगू से बेख़बर, प्याज़ पर राजनीति."

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