कुत्ते को मारने पर 500 रुपये इनाम !

  • 23 सितंबर 2015
आवारा कुत्तों की समस्या इमेज कॉपीरइट K V LAKSHMAN
Image caption कोवलम में मारा गया आवारा कुत्ता

कोच्चि में आवारा कुत्तों के आतंक से निपटने के लिए एक संस्था 'स्ट्रीट डॉग इरैडिकेशन ग्रुप' ने हर आक्रामक आवारा कुत्ते को मारने पर पांच सौ रुपये का इनाम घोषित किया है.

इस घोषणा से ये संस्था तुरंत चर्चा में आ गया है.

दो सामाजिक कार्यकर्ताओं जोस मावेली और स्नेहालयम पीटर ने मिल कर इस संस्था की शुरुआत की थी.

जोस मावेली अनाथ बच्चों के पुनर्वास के लिए 'जनसेवा शिशुभवन' चलाते हैं.

ग़रीब लोग आवारा कुत्तों के शिकार

इमेज कॉपीरइट K V LAKSHMAN

स्नेहालयम पीटर ने कहा, "ढाई साल के देवानंदन पर एक गली के कुत्ते ने हमला किया था जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे. उस घटना से हमें इस संस्था की शुरुआत करने की प्रेरणा मिली."

"जो पशु कल्याण कार्यकर्ता आवारा कुत्तों को मारने पर इतना बड़ा हंगामा खड़ा कर रहे हैं, उन्हें पहले इंसानी ज़िंदगी की कीमत समझनी चाहिए. वह तो वाहनों में सफर करते हैं और ऐशोआराम की ज़िंदगी गुजारते हैं. लेकिन ग़रीब लोग ही इसका शिकार बनते हैं."

पीटर 'स्ट्रीट डॉग इरैडिकेशन ग्रुप' की अनौपचारिक समिति के उपाध्यक्ष हैं.

इस संस्था ने जो आंकड़े इकट्ठा किए हैं, उनके मुताबिक, आवारा कुत्तों के हमले के करीब 1,000 केस रिपोर्ट किए गए हैं जिनमें से पचास फ़ीसदी मामले बच्चों पर कुत्तों के हमले के हैं.

पीटर ने कहा, "हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसलों के बावजूद स्थानीय संस्थाएं इन आक्रमक आवारा कुत्तों को मारने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहे हैं क्योंकि उन्हें पशु कल्याण कार्यकर्ताओं के विरोध का डर रहता है."

पशु कल्याण कार्यकर्ता नाराज़

इमेज कॉपीरइट K V LAKSHMAN

संस्था के अधिकारियों ने कहा कि जब एक पशु डॉक्टर और पंचायत कुत्ते को मारने की पुष्टि कर देंगे तभी पांच सौ रुपए का इनाम दिया जाएगा.

इस संस्था को इस काम के पहले चरण में एक हज़ार ऐसे कुत्तों को मारने के लिए कुछ व्यापारियों से क़रीब पांच लाख रुपये का अनुदान भी मिला है.

इस संस्था के बनने और इनाम की घोषणा से पशु कल्याण कार्यकर्ता नाराज़ हैं.

एक कार्यकर्ता अखिला वी. ने कहा, "ये बिल्कुल बर्बर काम है. लोग मनुष्य के सबसे अच्छे दोस्त को यूं निर्दयतापूर्वक मारने का कैसे सोच सकते हैं. हम इस सिलसिले में राज्य प्रशासन में और केरल हाई कोर्ट में एक जनयाचिका दायर करने वाले हैं ."

कई कोशिशों के बावजूद इस मुद्दे पर जिला प्रशासन से संपर्क नहीं हो पाया.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार