पीएम ने नहीं किया तिरंगे का अपमान: सरकार

  • 25 सितंबर 2015
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सोशल मीडिया और विपक्षी दल की आलोचना के बाद सरकार ने साफ़ किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरंगे का अपमान नहीं किया है.

अमरीकी दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथित तौर पर तिरंगे झंडे पर दस्तख़त करने को लेकर सोशल मीडिया पर हंगामा हो गया था और लोगों ने इस बात के लिए मोदी की कड़ी आलोचना की और कहा कि मोदी ने राष्ट्र ध्वज का अपमान किया है.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ अमरीका दौरे पर गए नरेंद्र मोदी ने तिरंगे पर दस्तख़त करके शेफ़ विकास खन्ना को सौंप दिया था.

विकास, नरेंद्र मोदी के साथ ही अमरीका के दौरे पर हैं. उन्होंने नरेंद्र मोदी के फॉर्च्यून 500 कंपनियों के सीईओ के साथ डिनर का मेन्यू तैयार किया था.

तय कार्यक्रम के अनुसार विकास को ये झंडा अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को सौंपना था लेकिन ऐसी ख़बरें हैं कि आलोचना के बाद अधिकारियों ने ये झंडा वापस ले लिया.

सरकार की सफ़ाई

सोशल मीडिया पर ये मामला वायरल होने के बाद सरकार की ओर से इस पर सफ़ाई भी आ गई.

प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो के डीजी फ्रेंक नोरोन्हा ने एएनआई को बताया, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तिरंगे के अपमान की ख़बरें बिलकुल निराधार हैं. पीएम ने झंडे पर ऑटोग्राफ़ नहीं दिए."

आगे उन्होंने ये भी कहा कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्र ध्वज पर नहीं बल्कि एक मेमेंटो पर दस्तख़त किए थे. इसमें अशोक चक्र भी नहीं था इस लिहाज़ से ये राष्ट्र ध्वज की श्रेणी में आता ही नहीं.

कांग्रेस ने की आलोचना

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Image caption गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर साफ़ लिखा है कि राष्ट्र ध्वज पर कुछ भी लिखना मना है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ कांग्रेस ने प्रधानमंत्री की आलोचना की और कहा, "आप कितने भी ऊंचे पद पर क्यों ना हों, राष्ट्र ध्वज आपसे ऊपर है. आपको ये बात समझनी चाहिए."

कांग्रेस के नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, "प्रधानमंत्री को अपने भीतर झांकना चाहिए और तिरंगे के सम्मान के लिए ज़रूरी क़दम उठाने चाहिए. क्योंकि तिरंगे का सम्मान 125 करोड़ भारतीयों की ज़िम्मेदारी है और ख़ासतौर से प्रधानमंत्री की."

गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर फ्लैग कोड ऑफ़ इंडिया के मुताबिक़ तिरंगे पर कुछ भी लिखना प्रतिबंधित है. ट्विटर पर लोग लिख रहे हैं कि इस लिहाज से नरेंद्र मोदी ने झंडे पर दस्तख़त कर क़ानून का उल्लंघन किया है.

ट्विटर पर हंगामा

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@janonymous लिखते हैं, "बड़ी हैरानी की बात है कि इतने कूटनीतिकों और सरकारी अधिकारियों से घिरे रहने के बाद भी नरेंद्र मोदी ऐसा कर बैठे. क्या उन्हें किसी ने बताया नहीं कि तिरंगे पर कुछ भी लिखना अपराध है."

@jeenkaraka ने लिखा, "ये एक अपराध है. और भारतीय दंड संहिता के अनुसार मोदी पर कार्रवाई होनी चाहिए."

@tpjayakumar ने लिखा, "विदेशी सरजमीं पर राष्ट्र ध्वज का अपमान करने वाले नरेंद्र मोदी भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं. शर्म की बात है."

बचाव

वहीं प्रकाश झा नाम के ट्विटर यूज़र ने लिखा, "अब लोग तिल का ताड़ बना देंगे. मोदी विरोधी बस अब शुरू हो जाएंगे."

करन सिंह ने लिखा, "ये तिरंगा झंडा नहीं है. इस तस्वीर को फ़ोटो शॉप्ड किया गया है. बेवजह का विवाद खड़ा करने के लिए."

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