पंजाबः 'माफीनामे' के विरोध में बंद

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पंजाब में प्रमुख सिख संगठनों की ओर से बुधवार को आधे दिन का बंद बुलाया गया है.

डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को अकाल तख्त की ओर से माफी दिए जाने का विरोध कर रहे हैं.

अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने विरोध जताते हुए एक समिति के गठन की भी घोषणा भी है. साथ ही, उन्होंने भारत और विदेश के प्रमुख सिख संगठन और सिख बुद्धिजीवियों से सुझाव मांगे हैं.

मंगलवार को जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह की ओर से एक प्रेस रिलीज में कहा गया कि सिखों की सर्वोच्च संस्था अकाल तख्त अपने स्थापना के बाद से ही जटिल धार्मिक मामलों पर फैसला लेती रही है, जिसे सिख संगत ने हमेशा स्वीकारा है.

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गुरबचन सिंह का कहना है, “साल 2007 में डेरा सिरसा के विवादास्पद मुद्दे पर अकाल तख्त ने फैसला सुनाया था. पर विवाद खत्म होने की बजाय हिंसा भड़क उठी थी.”

उन्होंने बताया कि अकाल तख्त को डेरा प्रमुख की ओर से सीडी सहित हस्ताक्षर किया हुआ लिखित निवेदन मिला है.

जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने बताया, “सिख प्रमुख ने पंथ की परंपरा, हितों और पंजाब और भारत में शांति बनाए रखने के लिए स्पष्टीकरण स्वीकार कर लिया है.”

उनका कहना है कि पंथ की भावनाओं का सम्मान करने और उनके विरोध और सलाहों को सुनने के लिए अकाल तख्त एक कमेटी बनाएगी जो दुनिया भर के सिखों से अपने सलाह भेजने की भी अपील करेगी.

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