तेंदुए के सिर को 10 घंटे बाद निकाला गया

  • 30 सितंबर 2015
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राजस्थान के राजसमन्द ज़िले में एक तेंदुए की जान पर बन आई जब उसका सिर एक स्टील के बर्तन में फँस गया.

वन विभाग की रेस्क्यू टीम और ग्रामीणों की मदद से दस घंटे की भारी मशक़्क़त के बाद उसे राहत पहुंचाई जा सकी.

उप वन संरक्षक कपिल चंद्रवाल ने बीबीसी को बताया, “कुम्भलगढ़ वन्यजीव अभ्यारण्य नज़दीक होने के कारण इस क्षेत्र में तेंदुए की आवाजाही देखी जाती है. यहाँ संगमरमर की खानें बहुत अधिक हैं. कई बार वन्यजीव मार्बल स्लैब के पहाड़नुमा बड़े ढेरों के बीच भी गुफ़ा बना लेते हैं. ऐसी सम्भावना है कि यह तेंदुआ वहीं से निकलकर गाँव में आया होगा.”

किसान

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ज़िला मुख्यालय से चार किलोमीटर दूर सार्दुलखेड़ा गाँव में यह प्यासा तेंदुआ संभवतः मंगलवार देर रात पानी की तलाश में आया था. उसने खेत में रखे एक स्टील की चरी (घड़े) में पानी पीने के लिए मुंह डाल तो दिया पर निकाल नहीं पाया.

तेंदुए की छटपटाहट और आवाज़ सुनकर खेत में सो रहे एक किसान की आँख खुल गई. सुबह तक जब तेंदुआ अपना मुंह नहीं निकाल पाया तो वन विभाग को सूचना दी गई.

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विभाग की रेस्क्यू टीम द्वारा उसे विभाग की चौकी पर ले जाकर बेहोश किया गया और बर्तन को काटकर तेंदुए को निकाला गया.

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