पांच दिन में मांझी के 5 लाख रुपए 'ग़ायब'

  • 1 अक्तूबर 2015
मखदुमपुर विधानसभा क्षेत्र से पर्चा दाखिल करते जीतन राम मांझी इमेज कॉपीरइट VED

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम की मांझी की अचल संपत्ति पांच दिन में क़रीब पौने दो लाख रुपए घट गई है.

इतने ही दिनों में उनकी नकदी भी पांच लाख रुपए से अधिक घट गई है.

ये तथ्य मांझी की ओर से चुनाव आयोग को दिए गए दो शपथ पत्रों में दर्ज जानकारियों में अंतर से सामने आए हैं, जो कि उन्होंने दो अलग-अलग विधानसभा सीटों से नामांकन के साथ दाखिल किए हैं.

जीतनराम मांझी इस बार दो विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव मैदान लड़ रहे हैं. उन्होंने 21 सितंबर को जहानाबाद ज़िले के मखदूमपुर और 26 सितंबर को गया ज़िले की इमामगंज के लिए पर्चा भरा था.

खाता वही, पर घटी नकदी

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मखदूमपुर सीट के लिए दाखिल शपथ पत्र में मांझी की कुल अचल संपत्ति क़रीब 38 लाख 21 हज़ार रुपए दर्ज है.

जबकि इमामगंज सीट के नामांकन पत्र के साथ जमा किए गए शपथ पत्र में उनकी कुल चल संपत्ति करीब 36 लाख 42 हजार रुपए बताई गई है.

शपथपत्र में ये भी बताया गया है कि मांझी का भारतीय स्टेट बैंक की विधानसभा शाखा के खाते में करीब 19 लाख 60 हजार रुपए जमा हैं.

साथ ही विधानसभा शाखा में जमा नकदी भी घटकर करीब 14 लाख 30 हजार रुपए रह गई है.

बंदूक के मालिक

इतना ही नहीं मखदूमपुर सीट वाले शपथ पत्र के मुताबिक उनके पास कोई बंदूक नहीं है जबकि इमामगंज वाले शपथ पत्र में उन्होंने अपने पास दो बंदूकें होने की बात कही है.

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साथ ही मांझी के शपथ पत्रों में पत्नी की अचल संपत्ति और उनकी देनदारी के संबंध में दी गई जानकारियों में भी अंतर है.

इमामगंज बिहार विधानसभा की सबसे चर्चित सीटों में से एक मानी जा रही है.

यहां मांझी का मुक़ाबला जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के नेता और बिहार विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी से है.

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