गांधी और मोदी दोनों 'साबरमती के संत'

  • 1 अक्तूबर 2015
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अमरीकी यात्रा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वदेश लौटने के बाद भाजपा नेता विजय गोलय ने दिल्ली में जगह-जगह कई पोस्टर लगवाए हैं.

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विजय गोयल ने इस पोस्टर में प्रधानमंत्री मोदी की गांधी से तुलना की है.

इन पोस्टर में गांधी और मोदी दोनों को 'साबरमती का संत' कहा गया है.

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जहां गांधी के बारे में कहा गया है कि उन्होंने देश को आज़ादी दिलाई थी, तो मोदी के बारे कहा गया है कि उन्होंने दुनिया से भारत की नई पहचान करवाई.

लोग सोशल मीडिया पर इसे चमचागिरी कह रहे हैं.

मनचंद खंडेला ने ट्वीट में कहा है, ''चमचागिरी से भरे आपके पोस्टरों ने मोदी जी को इंप्रेस किया होगी लेकिन गांधी जी का आपने अपमान किया है.''

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ऋषभ कहते हैं, ''मंत्री बनने के लिए बहुत चमचागिरी कर रहे हैं गोयल साहब.''

कांग्रेस के प्रवक्ता शक़ील अहमद ने कहा है, ''यह बेहद बुरी चापलूसी है. अपनी ही धुन में रहने वाले मोदी को भी शायद इससे शर्म महसूस हो.''

राजेश कुमार ने ट्वीट किया हे ''गोयल जी मोदी जी को अमूल के बड़े पैक का बटर लगा रहे हैं. इनके लिए राज्य मंत्री का पद तो बनता है, बहुत पुराने कार्यकर्ता हैं.''

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मोहित सिंह कह रहे हैं, ''ये तो भगवान राम से भी तुलना कर सकते हैं.''

वहीं कई हैं जिन्होंने विजय गोयल से पूछा है कि क्या वह जानते हैं कि वह क्या कह रहे हैं.

सास्वती सरकार पूछती हैं कि क्या गोयल अपने लीडर की तुलना एक ऐसे व्यक्ति से कर रहे हैं जो जातिवादी, धर्म के भेद को मानने वाले और ब्रिटिश के सहयोगी थे.

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रौंगडॉक नाम के ट्विटर हैंडल का कहना है ''मैं गांधी की कोई ख़ास इज़्जत नहीं करता, लेकिन मोदी और संत? चापलूसी का हद है.''

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