अशोक वाजपेयी ने भी लौटाया साहित्य अकादमी

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मशहूर लेखिका नयनतारा सहगल के बाद ललित कला अकादमी के पूर्व अध्यक्ष अशोक वाजपेयी ने भी साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटा दिया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार उन्होंने 'जीवन और अभिव्यक्ति, दोनों की स्वतंत्रता के अधिकार पर हो रहे हमलों को देखते हुए' पुरस्कार लौटाने का फैसला किया है.

हिंदी कवि और आलोचक अशोक वाजपेयी ने दादरी में बीफ़ की अफ़वाह को लेकर हुई हिंसा और कई सामाजिक कार्यकर्ताओं की हत्याओं से जुड़ी घटनाओं पर 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी' पर सवाल उठाया है.

चुप्पी

उन्होंने कहा, "सहगल सही थीं. वैसे तो प्रधानमंत्री ख़ूब बात करते हैं लेकिन वो राष्ट्र को क्यों नहीं बताते हैं कि इस देश की विविधता की हर क़ीमत पर रक्षा की जाएगी."

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केंद्र सरकार के कई मंत्रियों ने दादरी की घटना को दुखद बताते हुए इस पर राजनीति न करने की अपील की है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ़ से अभी इस पर कुछ नहीं कहा गया है.

पिछले दिनों दादरी के बिहासड़ा गांव में भीड़ ने बीफ़ खाने के संदेह में अख़लाक़ नाम के व्यक्ति को पीट-पीट कर मार डाला जबकि गंभीर रूप से घायल उनके बेटे का अस्पताल में इलाज हो रहा है.

पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की भांजी नयनतारा सहगल ने भी 'प्रधानमंत्री की चुप्पी' पर सवाल उठाया था.

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