मूल्यों की अवमानना बर्दाश्त नहीं: प्रणब

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दिल्ली से सटे नोएडा के पास दादरी में अख़लाक़ अहमद की हत्या के क़रीब एक सप्ताह बाद राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि लोगों को देश में विविधता का सम्मान करना चाहिए और एक-दूसरे के प्रति सहिष्णुता दिखानी चाहिए.

राष्ट्रपति ने कहा, ''विविधता और सहिष्णुता भारत के महत्वपूर्ण मूल्य हैं और इन मूल्यबोधों की अवमानना बर्दाश्त नहीं की जाएगी. हमें इन्हें कभी नहीं भूलना चाहिए''.

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28 सितम्बर की रात को गोमांस खाने के संदेह में दादरी के बिसहड़ा गांव में उग्रभीड़ ने 50 साल के अख़लाक़ की हत्या कर दी थी. उनके बेटे दानिश की भी भीड़ ने पिटाई की थी और फ़िलहाल उनका इलाज चल रहा है.

कड़ी आलोचना

अख़लाक़ की हत्या के बाद भारत के कई बुद्धिजीवियों ने इसके ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई. कई वरिष्ठ पत्रकारों और लेखकों ने इसकी कड़ी आलोचना की है.

इसके विरोध में जानी मानी लेखिका नयनतारा सहगल और हिंदी के जाने माने कवि अशोक वाजपेयी ने साहित्य अकादमी सम्मान लौटा दिए हैं.

कई राजनेताओं और मंत्रियों ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने अभी तक इस पर चुप्पी साध रखी है.

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केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा और भाजपा के कुछ सांसदों ने जहां 'विवादास्पद बयान' दिए वहीं अखिलेश सरकार में मंत्री आज़म ख़ान ने इस मामले को संयुक्त राष्ट्र तक ले जाने की बात कह डाली.

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस मामले में 'कड़ी कार्रवाई' की मांग की है.

उन्होंने कहा, ''केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार, कोई भी यदि साम्प्रदायिक हिंसा फैलाने की कोशिश करेगा या इस तरह के कोई अन्य अपराध में शामिल होगा, उसके विरुद्ध सख़्त कार्रवाई की जाएगी.''

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इससे पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली ने दादरी हमले को अफ़सोसजनक और निंदनीय बताते हुए कहा था कि इस तरह के हादसों से लोगों को दूर रहना चाहिए.

उन्होंने कहा था, "भारत का समाज परिपक्व है. हमें इस प्रकार के हादसों से ऊपर उठना चाहिए. क्योंकि ऐसे हादसे देश को अच्छा नाम तो क़तई नहीं देते हैं."

इस मामले में पुलिस अब तक 10 लोगों को गिरफ़्तार कर चुकी है.

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