शीना बोरा हत्या: इंद्राणी की जान ख़तरे में ?

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बहुचर्चित शीना बोरा हत्या मामले में एक नया चौंकाने वाला मोड़ आया है.

पुलिस तथा मुंबई जेल के अधिकारी मानते हैं कि हत्या की मुख्य आरोपी शीना की माँ इंद्राणी मुखर्जी को जान को ख़तरा हो सकता है और इसीलिए उन्हें दिया जाने वाला खाना पहले चखा जाता है.

यदि भोजन चखने वाले पर 10 मिनट तक कोई प्रतिक्रिया नहीं होती, तब वह खाना इंद्राणी को दिया जाता है.

इंद्राणी मुखर्जी को पिछले शुक्रवार बेहोशी की हालत में मुंबई के जेजे अस्पताल में भर्ती किया गया था.

सुनने में यह एक सामान्य घटना मालूम होती है पर ऐसा है नहीं.

चख कर परोसा

इस घटना का असामान्य पहलू यह है कि इंद्राणी को दिया गया खाना पहले ड्यूटी पर मौजूद एक रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर ने खाया. जब 10 मिनट तक उन पर कोई विपरीत प्रतिक्रिया नहीं हुई, तब वह खाना इंद्राणी को परोसा गया.

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जेजे अस्पताल के डीन डॉ टीपी लहाने ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा केि कारागार अधिकारियों के निर्देश पर ऐसा किया गया था.

डॉ लहाने ने बीबीसी को बताया, “इंद्राणी मुख़र्जी को बेहोशी की हालत में यहाँ लाया गया था. इलाज के दौरान उन्हें खाना नहीं दिया गया. सोमवार को पहली बार उन्हें खाना दिया गया. इसके पहले वह खाना हमारे एक रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर ने चखा. जब उन पर कोई विपरीत प्रतिक्रिया नहीं हुई, तब वह खाना इंद्राणी को दिया गया. यह सब जेल अधिकारियों के निर्देश पर किया गया.”

साध्वी प्रज्ञा और मटका किंग

वरिष्ठ सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी प्रफुल्ल जोशी बताते हैं, “यह कोई सामान्य घटना नहीं है. जब तक उनकी जान को ख़तरा न हो, तब तक कैदियों को दिया जाने वाला खाना इस तरह नहीं चखा जाता.

इससे पहले इस तरह की सावधानी सिर्फ़ दो ही मामलों में बरती गयी थी. ये दो मामले थें, साध्वी प्रज्ञा और मटका किंग सुरेश भगत की पत्नी जया भगत का.

साध्वी प्रज्ञा 2006 में हुए मालेगांव बम धमाकों की आरोपी हैं तथा जया पर 2013 में अपने पति सुरेश भगत की हत्या का आरोप है.”

हालांकि कारागार महानिदेशक बिपिन कुमार सिंह ने इंद्राणी की जान को ख़तरा होने की बात से इनकार किया है.

सिंह ने बीबीसी को बताया, “हमारे पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है. कारागार में इंद्राणी को दिया जाने वाला खाना पहले चखा नहीं जाता. जेजे अस्पताल में यदि ऐसा हुआ है तो यह मेरी जानकारी के बाहर है.”

विरोधाभासी रिपोर्ट

बहरहाल सीबीआई अधिकारियों ने अदालत में इंद्राणी मुख़र्जी, उनके पूर्व पति संजीव खन्ना तथा ड्राइवर श्यामवर राय को हिरासत में लेने के लिए अदालत से दरखास्त की है.

इंद्राणी मुख़र्जी की बेहोश होने की वजह जानने के लिए उनके खून, पेशाब तथा गैस्ट्रिक लवाज (पेट के भीतर मौजूद पदार्थ) के नमूने कलिना स्थित फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी तथा हिंदुजा अस्पताल भेजे गए थे.

यहाँ से इन नमूनों की दो परस्पर विपरीत रिपोर्ट आयी थी.

डॉ लहाने ने बीबीसी को बताया, “हम शुरू में दवाई के ओवरडोज़ के अनुमान पर इलाज कर रहे थे. जिसकी हिंदुजा अस्पताल के रिपोर्ट ने पुष्टि की थी. लेकिन फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी के रिपोर्ट इसके विपरीत थी.”

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