नीतीश कटारा मामले में नहीं होगी फाँसी

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सुप्रीम कोर्ट ने नीतीश कटारा हत्याकांड के दोषी विशाल और विकास यादव की सज़ा को मौत की सज़ा में तब्दील करने से इंकार कर दिया है.

नीतीश कटारा की मां नीलम कटारा ने विकास और विशाल के लिए मौत की सज़ा की मांग के साथ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाख़िल की थी.

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर और न्यायाधीश आर बानुमति की पीठ ने नीलम की याचिका पर कहा कि नीतीश की हत्या ज़रूर हुई थी लेकिन यह जघन्य अपराध या ऑनर किलिंग की श्रेणी में नहीं आता है.

हत्या

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नीतीश कटारा की फरवरी 2002 में हत्या कर दी गई थी. दिल्ली हाईकोर्ट ने इसके लिए विशाल और विकास यादव को 30-30 वर्ष कारावास की सज़ा सुनाई थी.

विकास और विशाल यादव अपनी बहन भारती के साथ नीतीश के कथित रिश्तों का विरोध कर रहे थे.

विकास यादव उत्तर प्रदेश के राजनेता डीपी यादव के बेटे हैं और विशाल उनके चचेरे भाई है.

दिल्ली हाईकोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ नीतीश की मां नीलम ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाकर विशाल और विकास के लिए मौत की सज़ा की मांग की थी.

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