पोस्टमार्टम से ठीक पहले 'लाश' ज़िंदा हो गई

  • 12 अक्तूबर 2015
पोस्टमार्ट हाउस में ज़िंदा हुआ मरीज़

मुंबई के सायन इलाक़े के अस्पताल में एक अनोखा मामला सामने आया है.

दरअसल एक व्यक्ति को मृत घोषित कर चिकित्सकों ने 'लाश' को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, लेकिन पोस्टमॉर्टम से ठीक पहले वो तो ज़िदा हो गया.

जब इस व्यक्ति ने अपनी आंखें खोलीं तो डॉक्टर और अन्य कर्मचारी भौचक्के रह गए.

सायन के अस्पताल ने इस मामले में अपनी ज़िम्मेदारी स्वीकार की है.

'जल्दी में हो गई लापरवाही'

अस्पताल के डीन डॉक्टर सुलेमान मर्चेंट ने बीबीसी को बताया, "पुलिस ने कहा कि हम एक 'डेड बॉडी' लाए हैं जिसका पोस्टमॉर्टम जल्दी होना है क्योंकि हमें वीआईपी सुरक्षा में जाना है."

डॉक्टर सुलेमान ने सफ़ाई देते हुए कहा, "ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर को जल्दबाज़ी में ही चेकअप करना पड़ा, जिस वजह से यह लापरवाही हो गई."

लगभग 42 साल के इस व्यक्ति का नाम प्रशांत बताया जा रहा है.

Image caption अस्पताल का कहना है कि जल्दबाज़ी में ये लापरवाही हो गई.

पुलिस ने बीबीसी को बताया,"हमें एक व्यक्ति के बेहोश होने की जानकारी मिली, जिस पर पुलिस उस व्यक्ति को लेकर लोकमान्य तिलक जनरल अस्पताल पहुंची."

इस व्यक्ति को डेड बॉडी समझे जाने के इस मामले में कुछ अन्य बातें भी सामने आई हैं.

बॉडी को कैज़ुअलटी वार्ड में नहीं रखा गया बल्कि चेकअप के बाद सीधे मोर्चरी भेज दिया गया.

इस संबंध में डायरी एंट्री पर भी विरोधाभासी बयान सामने आ रहे हैं. पहचान न बताने की शर्त पर कुछ लोगों ने बताया कि पहले मोर्चरी की डायरी एंटरी की गई थी लेकिन अब इस बारे में पुष्ट जानकारी नहीं मिल रही है.

फ़िलहाल मरीज़ को 'आईसीयू' में निगरानी में रखा गया है. डॉ. सुलेमान ने बताया की मरीज़ की हालत में काफ़ी सुधार हुआ है.

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