'मोदी की पहचान गोधरा से, ... माफ़ी दुर्भाग्यपूर्ण'

  • 14 अक्तूबर 2015
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दादरी कांड पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान ने विपक्षी पार्टियों को उन्हें घेरने का एक और मौक़ा दे दिया है.

नरेंद्र मोदी ने आनंद बाज़ार पत्रिका को दिए गए एक इंटरव्यू में, लंबी चुप्पी के बाद दादरी में हुई हत्या और ग़ुलाम अली के कान्सर्ट को रद्द किए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था.

क्या कहा था मोदी ने?

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दादरी पर प्रधानमंत्री के चुप्पी तोड़ने पर राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव का कहना है, "चुप्पी क्या तोड़ी? मार दें पीट दें और सॉरी कह दें. यह कोई तरीका है? चाहे बीजेपी या आरएसएस के मोदी हों सब शाम को बोलकर सवेरे बदल जाते हैं."

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वहीं कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा है कि यदि मोदी दादरी की घटना से दुखी हैं तो जिन भाजपा नेताओं ने दादरी की घटना का परोक्ष समर्थन किया है उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई क्यों नहीं करते.

दिग्विजय ने यह भी कहा है कि यदि मोदी को लगता है कि गुलाम अली का विरोध और सुधींद्र कुलकर्णी पर कालिख पोतना सही नहीं था तो क्या शिवसेना से गठबंधन तोड़ेगे?

'सुधींद्र कुलकर्णी अटल बिहारी वाजपेयी के सलाहकार रहे, आडवाणी के निकट हैं, उनकी तुलना शिवसेना कसाब से कर रही है. मोदी शिवसेना को कुछ ज्ञान देंगे?'

शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा है, "नरेंद्र मोदी की पहचान गोधरा कांड की वजह से हुई थी और इसी वजह से हम उनका आदर भी करते हैं. उस नरेंद्र मोदी ने ऐसा बयान दिया है तो हमारे लिए यह दुर्भाग्यपूर्ण बात है."

संजय राउत ने कहा कि मुझे लगता है कि "यह बयान देश के प्रधानमंत्री का है, हमारे प्रिय मोदी का नहीं".

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