महाराष्ट्र सरकार डांस बार पर रोक चाहती है

महाराष्ट्र सरकार डांस बार पर पाबंदी बरक़रार रखना चाहती है.

सुप्रीम कोर्ट ने गुरूवार को एक याचिका पर सुनवाई करते हुए महाराष्ट्र में बंद पड़े डांस बार को दोबारा खोलने की अनुमति दे दी थी.

महाराष्ट्र की कांग्रेस-एनसीपी सरकार ने डांस बार को बंद करवा दिया था.

साल 2014 में तत्कालीन कांग्रेस-एनसीपी सरकार ने महाराष्ट्र पुलिस क़ानून में संशोधन करते हुए बार समेत राज्य के कई जगहों पर होने वाले डांस कार्यक्रमों पर पाबंदी लगा दी थी.

लेकिन राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार पाबंदी लगे रहने के हक़ मे हैं.

मुख्यमंत्री ने ट्वीट करते हुए कहा, ''हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने अपने अंतरिम फ़ैसले में डांस बार पर पाबंदी के बजाए उसकी निगरानी की बात कही है, लेकिन सरकार अभी भी डांस बार पर पाबंदी के हक़ में है. हमलोग इस फ़ैसले का निरीक्षण करेंगे और सुप्रीम कोर्ट में अपनी मांग रखेंगे.''

फ़ैसले का स्वागत

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लेकिन डांस बार के मालिकों ने सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर ख़ुशी जताई है.

मुंबई डांस बार एसोसिएशन के प्रवक्ता मंजीत सिंह ने बीबीसी से बातचीत के दौरान कहा, “हम इसे एक बड़ी जीत मानते हैं. मुंबई से नाईटलाईफ़ एक तरीक़े से ख़त्म हो गई थी और जो महिला डांसर थीं वो घर चलाने के लिए देह व्यापार को चुनने को मजबूर हो गईं थीं. हमारा व्यापार भी अब काफ़ी अच्छी तरह से चल सकेगा. हम इस फ़ैसले का स्वागत करते हैं. “

मंजीत सिंह ने आगे कहा, “जो लोग कहते हैं कि रोक के बावजूद डांस गर्ल्स बार में जा रहीं थीं वो ग़लत कहते हैं क्योंकि हम नज़र रखे हुए थे कि कानून का उल्लंघन न हो और लड़कियां सिर्फ़ ऑर्केस्ट्रा में गा बजा रही थीं (जो ऐसा कर सकती थीं) बाकी सभी लड़कियों ने बड़ा मुश्किल समय काटा है.”

नाराज़गी

30 साल की आरती ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "हम इतने सालों से बेरोज़गार हैं लेकिन कोई हमारी मदद के लिए नहीं आया. मैं 30 साल की उम्र में मज़दूरी करती हूं, मेरी साथी सहेलियों को शरीर बेचना पड़ा. जो लोग हमपर अश्लीलता का आरोप लगा रहे हैं मेरा उनसे सवाल हैं कि क्या साड़ी पहन कर नाचना बुरा है? फिर तो राजस्थानी डांसर भी अश्लील हैं?"

आरती कहती हैं, "हमारे बच्चे जब भूख से बिलखेंगे तो हमें किसी के साथ सोना भी पड़ेगा हम सोएंगे, हमारे बच्चे हॉस्टलों में रह कर पढ़ते थे आज वो नगरपालिका के स्कूलों में पढ़ रहे हैं."

वो नाराज़गी जताते हुए आगे कहती हैं, "किसी ने हमें काम नहीं दिया, किसी ने हमारा हाथ नहीं पकड़ा, बॉलीवुड में हमें काम देने की बात कर रहे थे लेकिन सच में क्या हुआ, सबको मालूम है... आज मेरे बच्चे के पास बाप नहीं है, मुझे मालूम है मेरा घर कैसे चल रहा है ... और आज कोर्ट ने हमारा साथ दिया है तो आप हमारा विरोध कर रहे हैं."

गुरूवार को सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपने फ़ैसले में डांस बार को तो खोलने की इजाज़त दे दी लेकिन लाइसेंस अधिकारियों को इस बात की छूट दी कि वो डांस कार्यक्रमों पर नज़र रखें और इस बहाने अश्लील कार्यक्रमों पर कार्रवाई कर सकें.

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