पंजाब: सिख संगठनों ने बंद का किया आह्वान

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पंजाब के फ़रीदकोट में सिखों की पवित्र पुस्तक श्री गुरु ग्रंथ साहिब के कथित अपमान और उसके बाद हिंसक झड़प के विरोध में आज पंजाब बंद है.

बुधवार को पंजाब के फ़रीदकोट ज़िले में कई लोग घायल हो गए और कथित तौर पर दो लोगों की मौत हो गई है.

पंजाब बंद का आह्वान दमदमी टकसाल और अन्य सिख संगठनों ने किया है. इस घटना के बाद पंजाब पुलिस ने राज्य के प्रमुख शहरों में सुरक्षा-व्यवस्था की समीक्षा की है.

पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प के बाद बुधवार को शांति की अपील की.

सूत्रों के मुताबिक़ पुलिस ने विरोध प्रदर्शन कर रहे हज़ारों लोगों को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और हवा में फ़ायरिंग की.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कोटकपुर में सिखों और पुलिस के बीच मुठभेड़ में कई लोग घायल हुए.

ये लोग पवित्र किताब के कथित तौर पर अपमान के ख़िलाफ़ विरोध के लिए जुटे थे.

100 पन्ने बिखरे मिले

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पुलिस के साथ तनाव तब बढ़ा जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के नेताओं को हिरासत में लेने की कोशिश की.

प्रदर्शनकारियों ने मोगा और भटिंडा शहर की ओर जाने वाले हाईवे को जाम करने की कोशिश की. इसमें प्रदर्शनकारियों के साथ ही साथ पुलिस अधिकारी भी घायल हुए.

कोटकपुर टाउन में प्रदर्शनकारियों ने सोमवार से ही डेरा डाल रखा था.

सोमवार को कोटकपुर में गुरुद्वारा के पास सिखों की पवित्र किताब के 100 पन्ने बिखरे मिलने के बाद तनाव शुरू हुआ.

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सिखों की पवित्र किताब जून में गुरुद्वारे से ग़ायब हो गई थी.

इसके पहले मंगलवार को भी मोगा ज़िले के बटर कला गांव में पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की झड़प में कई लोग घायल हुए थे.

पुलिस ने मंगलवार को क़रीब 200 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया था.

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