हंगामे को शिवसेना ने 'देश की भावना' बताया

  • 19 अक्तूबर 2015
नई दिल्ली में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करते शिव सैनिक इमेज कॉपीरइट AP

शिव सैनिकों ने सोमवार को मुंबई में बीसीसीआई के दफ़्तर में जबरन घुसकर हंगामा किया और काले झंडे लहराए.

प्रदर्शनकारी शिव सैनिकों ने अपने हाथ में तख़्तियां उठा रखीं थीं जिन पर 'शशांक मनोहर मुर्दाबाद' और 'शहरयार ख़ान वापस जाओ' जैसे नारे लिखे हुए थे.

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के प्रमुख शहरयार ख़ान आजकल मुंबई में हैं.

सोमवार को शहरयार ख़ान बीसीसीआई प्रमुख शशांक मनोहर के साथ भारत-पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय सिरीज़ की संभावनाएं तलाशने के लिए एक बैठक करने वाले थे.

पीटीआई ने बीसीसीआई के पदाधिकारी और सांसद राजीव शुक्ला के हवाले से कहा कि बातचीत रद्द नहीं की गई है बल्कि मंगलवार को दिल्ली में होगी. उन्होंने ये भी कहा कि बीसीसीआई अध्यक्ष शशांक मनोहर और पीसीबी के शहरयार ख़ान शाम में बातचीत करेंगे.

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पुलिस हंगामा करने वाले शिव सैनिकों को एक पुलिस वैन में बैठाकर ले गई.

राजीव शुक्ला ने शिव सैनिकों के हंगामे की निंदा की है. उन्होंने ट्विट कर कहा, ''बीसीसीआई एक ज़िम्मेदार संगठन है और वह राष्ट्रहित के ख़िलाफ़ कभी कुछ नहीं करेगा. क्रिकेट से जुड़े फ़ैसले बीसीसीआई पर छोड़ देने चाहिए.''

उधर शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा, ''यह विरोध प्रदर्शन नहीं था. यह देश की भावना थी.''

वहीं भाजपा नेता और केंद्र सरकार में मंत्री मुख़्तार अब्बास नक़वी ने कहा, ''प्रदर्शन का अधिकार होने के बाद भी हिंसा को स्वीकार नहीं किया जा सकता है.''

शिव सैनिकों के विरोध को देखते हुए इस महीने मुंबई में पाकिस्तानी ग़ज़ल गायक गुलाम अली का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया था.

वहीं शिव सैनिकों ने भाजपा से जुड़े रहे सुधींद्र कुलकर्णी के चेहरे पर स्याही पोत दी थी.

कुलकर्णी ने शिव सेना के विरोध को नजरअंदाज़ करते हुए पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी की किताब का विमोचन कार्यक्रम आयोजित किया था.

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