नीतीश की वजह से है दाल महंगी: अनंत कुमार

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महंगाई और ख़ास कर दाल के दामों को लेकर घिरी भारतीय जनता पार्टी के बिहार प्रभारी अनंत कुमार का कहना है कि राज्य में दाल की ऊंची क़ीमतों के लिए बिहार सरकार ज़िम्मेदार है.

बीबीसी के साथ ख़ास बातचीत में उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के बार-बार कहने के बाद भी बिहार सरकार ने दाल का भंडारण नहीं किया और त्यौहारों की वजह से दाल महंगी हो गई.

दाल के दामों को लेकर भाजपा नेता शत्रुघन सिन्हा ने भी पिछले दिनों चेतावनी दी थी कि प्याज के आंसू रो चुकी भाजपा को दाल की महंगाई पर ध्यान रखना चाहिए.

सिन्हा ने बिहार विधानसभा चुनावों में भाजपा के प्रदर्शन को लेकर भी सवाल उठाए थे.

हालांकि अनंत कुमार दावा करते हैं कि भाजपा को बिहार में दो-तिहाई बहुमत मिलेगी.

अनंत कुमार ने कहा कि लालू और नीतीश कुमार जात-पात के आधार पर चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि भाजपा विकास के नाम पर चुनाव लड़ रही है.

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भाजपा के निशाने पर नीतीश के बजाए लालू क्यों हैं, इस सवाल के जवाब में अनंत कुमार ने कहा, "ये जंगलराज और विश्वासघात का गठबंधन है. प्रदेश में दो धाराए हैं. एक विकास की और एक विनाश की."

भाजपा नेताओं की विवादित बयानों के सवाल पर अनंत कुमार ने कहा, "विकास की बात सिर्फ़ हम ही कर रहे हैं. नरेंद्र मोदी का पिछले बारह साल का ट्रैक रिकॉर्ड हम दिखा रहे हैं. उन्होंने बिहार के लिए सवा लाख करोड़ के पैकेज का एलान किया. जनमानस में यही विषय है. लेकिन फिर लालू की ज़ुबान पर शैतान चढ़ गया. हमने उनकी बयानबाज़ी पर दुख प्रकट किया है, विकास का एजेंडा नहीं छोड़ा."

भाजपा के चुनाव प्रचार में स्थानीय नेताओं को नज़रअंदाज़ करने पर अनंत कुमार ने कहा, "हमारे सभी पोस्टरों में तीन प्रमुख स्थानीय नेताओं का चित्र है. बिहार के सभी ज़िलों में, गांवों में भारतीय जनता पार्टी का प्रचार साहित्य है जिसमें बिहारी नेतृत्व उभर कर सामने आ रहा है."

लालू प्रसाद यादव पर निशाना साधते हुए वे कहते हैं, "लालू प्रसाद जी का नेतृत्व उनके परिवार में ही सिमट कर रहा गया है. लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजप्रताप, तेजस्वी और मीसा भारती के अलावा उनकी पार्टी में नेृत्व कहां हैं. नीतीश भी अपनी पार्टी में अकेले पड़ गए हैं."

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महागठबंधन पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "महागठबंधन का महा चला गया है, मुलायम साथ छोड़ गए हैं. राहुल गांधी तो मंच साझा करने को तैयार नहीं है. ये महागठबंधन नहीं ठगबंधन है."

क्या नेताओं के ऊंटपटांग बयानों का भाजपा को नुक़सान होगा इस पर अनंत कहते हैं, "आम जनता बड़ी तस्वीर देखती है. इधर-उधर के मुद्दों नहीं देखती. बड़ी पिक्चर विकास है. जनता को सिर्फ़ विकास चाहिए."

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