राष्ट्रद्रोह के मामले में हार्दिक की याचिका रद्द

  • 27 अक्तूबर 2015
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गुजरात हाई कोर्ट ने हार्दिक पटेल पर राष्ट्रद्रोह के मामले के ख़िलाफ़ दायर याचिका ख़ारिज कर दी है.

राज्य की पुलिस ने पाटिदारों के आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे हार्दिक पटेल को राष्ट्रद्रोह के मामले में गिरफ़्तार किया है.

पटेल की ओर से उनके पिता भरतभाई पटेल ने याचिका दायर की थी.

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Image caption हार्दिक पटेल ने अपनी रैलियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा था.

उनके वकील बाबूभाई मंजूकिया ने बीबीसी को बताया, "अदालत ने एफ़आईआर रद्द करने की याचिका ख़ारिज कर दी है. अदालत ने मामले की आगे जाँच के लिए कहा है."

सूरत पुलिस ने पटेल पर कथित रूप से एक पटेल युवा को पुलिसवालों को मारने की सलाह देने पर राष्ट्रद्रोह का मुक़दमा दर्ज किया था.

इस सिलसिले में एक वीडियो भी वॉयरल हुआ था.

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Image caption हार्दिक पटेल की रैलियों में भारी भीड़ जुटी थी.

मंजूकिया ने कहा, "उन्होंने जो किया है वो ना ही राष्ट्रद्रोह है और ना ही सरकार के ख़िलाफ़ युद्ध है."

एक अन्य मामले में अहमदाबाद पुलिस ने भी उन पर राष्ट्रद्रोह और देश के ख़िलाफ़ युद्ध का मामला दर्ज किया है.

इस मामले में अहमदाबाद पुलिस ने पटेल और उनके पांच सहयोगियों को गिरफ़्तार किया है.

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Image caption 23 साल के हार्दिक पटेल तेज़ी से गुजरात की राजनीति में उभर रहे हैं.

हार्दिक इस समय अहमदाबाद पुलिस की हिरासत में हैं.

उनके वकील ने कहा, "हमने अहमदाबाद पुलिस की एफ़आईआर को भी चुनौती दी है जिस पर बुधवार को सुनवाई होगी. हम सभी क़ानूनी विकल्प तलाश रहे हैं और सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे."

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