बिहार: जिन दस सीटों पर है सबकी नज़र

अपनी माँ राबड़ी देवी के साथ तेज प्रताप यादव (दाएं) और तेजस्वी यादव. इमेज कॉपीरइट rjd.co.in

बिहार विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण में कुल 50 सीटों के लिए मतदान हो रहा है.

आइए हम नज़र डालते हैं 10 ऐसी सीटों पर जिनपर सबकी नज़रें लगी हुई हैं.

महुआ

वैशाली ज़िले की महुआ विधानसभा सीट से राजद प्रमुख लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव चुनाव लड़ रहे हैं.

यहां उनका मुक़ाबला राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा यानी हम के रविंद्र राय से है.

राघोपुर

वहीं राघोपुर विधानसभा सीट से उनके दूसरे बेटे तेजस्वी यादव चुनाव मैदान में हैं.

साल 2010 में हुए विधानसभा चुनाव में राघोपुर से राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और लालू प्रसाद की पत्नी राबड़ी देवी चुनाव मैदान में थीं, उन्हें जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के सतीश यादव ने हराया था.

सतीश यादव को इस बार भाजपा ने अपना उम्मीदवार बनाया है.

वैशाली

वैशाली विधानसभा सीट पर नीतीश कुमार की सरकार में मंत्री रहे वृषण पटेल चुनाव लड़ रहे हैं. उन्हें जीतन राम मांझी की हम ने टिकट दिया है.

पटेल का मुक़ाबला जेडीयू के राजकिशोर सिंह से है. साल 2010 के चुनाव में वृषण पटेल जेडीयू के टिकट पर जीते थे. वृषण पटेल यहां से छह बार चुनाव जीत चुुके हैं.

छपरा

सारण लोकसभा क्षेत्र में आने वाले छपरा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के डॉक्टर सीएन गुप्त का मुक़ाबला राजद के रविंद्र कुमार सिंह से है. साल 2014 में हुए उपचुनाव में रविंद्र कुमार सिंह जीते थे.

भाजपा के राजीव प्रताप रूड़ी सारण लोकसभा क्षेत्र से मौजूदा सांसद हैं. लालू प्रसाद भी सारण के सांसद रह चुके हैं और ये इलाक़ा लालू प्रसाद का गढ़ माना जाता है.

ब्रह्मपुर

बक्सर ज़िले के ब्रह्मपुर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता सीपी ठाकुर के बेटे विवेक ठाकुर भाजपा के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं.

उनका मुक़ाबला राजद के शंभूनाथ यादव से है. यहां से 2010 का विधानसभा चुनाव भाजपा की दिलमनी देवी ने जीता था. लेकिन पार्टी ने इस बार उन्हें टिकट नहीं दिया है. इसकी वजह से दिलमनी देवी ने निर्दलीय चुनाव लड़ने के फ़ैसले ने इस सीट को रोचक बना दिया है.

बख़्तियारपुर

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तीसरे चरण में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह ज़िले नालंदा में भी चुनाव हो रहा है. पिछले विधानसभा चुनाव में इस ज़िले की सभी सात सीटों पर जेडीयू और भाजपा के गठबंधन ने जीत दर्ज की थी.

नीतीश कुमार बख़्तियारपुर विधानसभा क्षेत्र में आने वाले अपने गांव में मतदान करते हैं. इस बार यहां से राजद के अनिरुद्ध प्रसाद का मुक़ाबला भाजपा के रणविजय सिंह से है.

पटना साहिब

वहीं राजधानी पटना के पटना साहिब विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के प्रमुख नेता नंदकिशोर यादव चुनाव मैदान में हैं. वहां उनका मुक़ाबला राजद के संतोष मेहता से है. यहां से 2010 के चुनाव में नंद किशोर यादव जीते थे.

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पटना साहिब लोकसभा क्षेत्र से वरिष्ठ भाजपा नेता शत्रुघ्न सिन्हा सांसद हैं. सिन्हा को उनकी पार्टी इस बार ज्यादा भाव नहीं दे रही है.

फुलवारी

फुलवारी में नीतीश सरकार में मंत्री श्याम रजक का मुक़ाबला हम के राजेश्वर मांझी से है. रजक ने 2010 का विधानसभा चुनाव भी इस सीट से जीता था.

मोकामा

मोकामा विधानसभा सीट से बाहुबली नेता अनंत सिंह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं. यहां उनका मुक़ाबला जेडीयू के नीरज कुमार, लोजपा के कन्हैया प्रसाद सिंह से है.

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साल 2010 का विधानसभा चुनाव अनंत सिंह ने जेडीयू के टिकट पर जीता था.लेकिन इस साल जून में अपहरण के एक मामले में गिरफ्तार होने के बाद उन्होंने जेडीयू से इस्तीफा दे दिया था.

कुम्हरार

पटना के कुम्हरार विधानसभा सीट से निवर्तमान विधायक और भाजपा उम्मीदवार अरुण कुमार सिंह का मुक़ाबला कांग्रेस केे अक़ील अहमद से है. ये सीट भाजपा की गढ़ रही है और पिछले 25 सालों से भाजपा ने इस सीट पर क़ब्ज़ा कर रखा है. सवर्ण जाति बहुल इस सीट पर बदले समीकरण में महागठबंधन के उम्मीदवार कितनी चुनौती दे सकेंगे, ये देखना दिलचस्प होगा.

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