भक्त सिर्फ़ मोदी के नहीं, लालू के भी हैं

  • 31 अक्तूबर 2015
विनोद श्रीवास्तव

पूर्वी चंपारण का मोतिहारी विधानसभा चुनाव क्षेत्र. बिहार के क़रीब-क़रीब हर विधानसभा क्षेत्र की तरह यहाँ भी एनडीए और महागठबंधन में कड़ी टक्कर है.

चुनाव प्रचार ख़त्म होने के बाद हर उम्मीदवार मतदान के दिन की तैयारी में जुट जाता है. इन्हीं तैयारियों के बीच मैं मिला मोतिहारी से राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार विनोद श्रीवास्तव से.

रात के 11 बजे भी पार्टी के चुनाव कार्यालय में लोगों की भारी भीड़ है. पार्टी के नेता अपने-अपने क्षेत्र में मतदान पर चर्चाओं में व्यस्त हैं.

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लेकिन इन सबके बीच मोतिहारी विधानसभा से चुनाव लड़ रहे विनोद श्रीवास्तव एक ख़ास वजह से भी चर्चा में हैं. वो है राजद सुप्रीमो लालू यादव से क़रीबी को लेकर.

पिछले बार लोकसभा चुनाव हार जाने के बाद पार्टी ने उन्हें विधानसभा का टिकट दिया है. लेकिन कहा ये जा रहा है कि उन्हें लालू यादव के प्रति वफ़ादारी का इनाम मिला है.

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विनोद श्रीवास्तव लालू प्रसाद यादव के पीए रह चुके हैं. इस बार विनोद श्रीवास्तव के अलावा राबड़ी देवी के पीए रह चुके भोला यादव और लालू यादव के 'आँख और कान' कहे जाने वाले शक्ति यादव को भी टिकट दिया है.

बीबीसी के साथ बातचीत में विनोद श्रीवास्तव कहते हैं कि वे 30 वर्षों से लालू से जुड़े हैं और वफ़ादार कार्यकर्ता हैं. लालू यादव और राबड़ी देवी उनकी नेता हैं.

तीनों सहयोगियों को टिकट दिए जाने पर विनोद श्रीवास्तव कहते हैं, "जो लोग बड़े नेताओं के साथ जुड़ते हैं, उनमें भी राजनीति करते-करते भूख जग जाती है. और वो सोचता है कि उसे भी राजनीति करनी चाहिए. लालू जी ने टिकट देकर हम लोगों का सम्मान किया है. अपने भक्त लोगों को लालू जी टिकट देते ही हैं."

विनोद श्रीवास्तव पूर्वी चंपारण से लोकसभा का चुनाव लड़े थे. साथ ही वे पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से भी चुनाव लड़ चुके हैं.

भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय नेता विनोद श्रीवास्तव पर बाहरी होने के आरोप लगाते हैं. इन आरोपों पर वे कहते हैं, "नरेंद्र मोदी गुजरात से वाराणसी में आकर चुनाव लड़ते हैं. भाजपा को बोलने का कोई मुँह नहीं है."

लेकिन विनोद श्रीवास्तव बार-बार ये कहते हैं कि लालू यादव और राबड़ी के प्रति वे हमेशा से वफ़ादार रहे हैं. शायद उनका इशारा इस ओर था कि इसी वफ़ादारी का उन्हें इनाम मिला है.

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