देश का दुर्भाग्य है जो ऐसा पीएम मिलाः मीसा

  • 31 अक्तूबर 2015
मीसा भारती

बिहार के चुनाव प्रचार अभियान में महागठबंधन और भाजपा के बीच जुबानी जंग थमने का नाम नहीं ले रही है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लालू प्रसाद पर (बेटी को सेट नहीं कर पाए) किए हमले पर पलटवार करते हुए मीसा भारती ने कहा कि किसी महिला के लिए प्रधानमंत्री का ऐसा बयान शर्मनाक है.

मीसा ख़ुद चुनावी मैदान में नहीं उतरी हैं, लेकिन उन्होंने महागठबंधन के प्रचार की कमान संभाल रखी है और उसकी जीत के दावे भी करती हैं.

बीबीसी से बातचीत में मीसा भारती ने चुनाव से जुड़े कई पहलुओं पर बात की.

मोदी के बयान पर मीसा कहती हैं, "मुझे लगता है कि मोदी जी को दूसरे चरण के बाद ऐसा लगने लगा कि वे लोग हार रहे हैं. ऐसे में हताशा और निराशा में उन्होंने आरोप लगाए हैं. मैं तो चुनाव भी नहीं लड़ रही हूँ, मुझे तो महागठबंधन के लिए स्टार प्रचारक बनाया गया है."

इमेज कॉपीरइट Manish Saandilya

उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है कि देश को ऐसा प्रधानमंत्री मिला है जो महिलाओं का बिल्कुल सम्मान नहीं करते हैं. उनसे यह अपेक्षा भी नहीं की जा सकती है क्योंकि वह आरएसएस के प्रचारक रहे हैं जहां महिलाओं का कोई स्थान नहीं है.

वह कहती हैं कि आरएसएस में महिलाओं का स्थान केवल नेताओं के पैर धोने तक ही सीमित है.

सुनें, पूरा इंटरव्यू

नकारात्मक प्रचार अभियान पर मीसा कहती हैं, "इसकी शुरुआत महागठबंधन की तरफ से नहीं हुई, बल्कि चुनाव शुरू होते ही आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत जी ने कहा कि आरक्षण की समीक्षा होनी चाहिए."

इमेज कॉपीरइट AFP

उन्होंने कहा, "हाल में प्रधानमंत्री आए और महागठबंधन के नेताओं को थ्री इडियट्स की संज्ञा दे डाली."

वह कहती हैं, "प्रधानमंत्री का शोध आधा-अधूरा होता है. वह बयान दे देते हैं लेकिन उसकी गहराई में नहीं जाते. थ्री इडियट्स में तो थ्री इडियट्स ही फ़िल्म के हीरो थे."

चुनाव प्रचार में नीतीश के मुक़ाबले लालू के शासनकाल को 'जंगलराज' का हवाला देकर सबसे ज़्यादा हमला बोला जा रहा है, इस पर मीसा कहती हैं, "लालूजी एक बड़े जननेता हैं इसलिए लोग उन पर निशाना साधते हैं. भाजपा को लगता है कि लालूजी की जितनी नकारात्मक चीज़ें उछालेंगे तो ज़्यादा वोट मिलेंगे."

इमेज कॉपीरइट PTI

लालू के बेटों पर भी कई सवाल उठाए जा रहे हैं ख़ासतौर पर उनकी शैक्षिक योग्यता पर. इस पर मीसा कहती हैं, "मेरा बड़ा भाई इंटरमीडियट पास है और वह ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहा है. नामांकन पत्र में आप उसी पढ़ाई का ब्योरा देते हैं जो आप कर चुके हैं."

छोटे भाई तेजस्वी के बारे में वह कहती हैं कि उन्होंने नौंवी तक की पढ़ाई की. उनका रुझान खेलों की तरफ़ था जिससे उनकी पढ़ाई बाधित हुई.

मोदी की शिक्षा पर सवाल उठाते हुए मीसा कहती हैं कि इस बारे में एक आरटीआई दाखिल की गई थी लेकिन इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि देश के प्रधानमंत्री कितने पढ़े-लिखे हैं.

इमेज कॉपीरइट manish shandilya

अगर महागठबंधन जीतता है तो क्या लालू और नीतीश लंबे समय तक साथ रह पाएंगे? इस पर मीसा ने कहा गठबंधन बनते वक़्त भी कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन अब तक सबकुछ आसानी से हुआ है.

महागठबंधन की जीत पर क्या लालू के बेटों को बड़ा पद मिलेगा, इस पर मीसा कहती हैं कि नतीजे आने पर इस बात का फ़ैसला होगा कि किसको कौन सा पद मिलेगा.

लालू के 'ब्रह्मपिशाच' वाले बयान को भुनाते हुए भाजपा कह रही है कि लालू चुनाव प्रचार में कॉमेडी कर रहे हैं.

इस पर मीसा कहती हैं, "उनकी यही ख़ूबी है कि वह गंभीर मुद्दों को भी बेहद आसान शब्दों और हंसी-मज़ाक में समझा जाते हैं. आप क्या विपक्ष से यह अपेक्षा करेंगे कि वो लालू की जी तारीफ़ करेंगे."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार