अफ़्रीका में पांव पसारते भारतीय विश्वविद्यालय

  • 3 नवंबर 2015
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हाल ही में भारत में संपन्न हुए अफ्रीकी देशों के सम्मेलन में भारत के विश्वविद्यालयों ने अफ्रीका के देशों में बढ़ते मध्यम वर्ग के मद्देनज़र निवेश करने में दिलचस्पी जताई है.

भारत की एमिटी यूनिवर्सिटी की शाखा अफ्रीका के मॉरीशस और दक्षिण अफ्रीका में है.

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एमिटी यूनिवर्सिटी के अजीत चौहान का कहना है, "यूनिवर्सिटी की इन दोनों शाखाओं में 35,000 छात्र अभी पढ़ रहे हैं. अफ्रीका में शिक्षा का बाज़ार बहुत बड़ा है. सारी दुनिया आज अफ्रीका के इस बाज़ार की ओर नज़रें टिकाए हुए है क्योंकि अफ्रीकी छात्र अच्छी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए एशिया और दुनिया के दूसरे देशों की ओर देख रहे हैं."

वो आगे बताते हैं, "हमारी योजना अफ्रीका के नाइजीरिया, घाना, केन्या और बोत्सवाना जैसे देशों में यूनिवर्सिटी की शाखाएं खोलने की है. हम अगले पांच सालों में 10 और कैंपस वहां खोलना चाहते हैं."

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शिक्षा के क्षेत्र में अफ्रीकी बाज़ार के बारे में उनका कहना है, "अफ्रीका में शिक्षा का बाज़ार हर साल 10 से 15 फ़ीसदी की दर से बढ़ रहा है. इसलिए निजी शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय किसी भी यूनिवर्सिटी के लिए वहां बड़ी संभावनाएं हैं."

अफ्रीका में चीन की स्थिति हमेशा से भारत के लिए एक चुनौती रही है लेकिन शिक्षा के अलावा मेडिकल टूरिज्म जैसे कुछ ऐसे क्षेत्र है जहां भारत चीन से बेहतर कर रहा है.

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