मधेसी आंदोलन और ट्रक ड्राइवरों की दुर्दशा

मधेसी आंदोलन का असर

भारत और नेपाल की रक्सौल सीमा को खोल दिया गया है, लेकिन पिछले कुछ दिनों में इसके आसपास का इलाका अस्त व्यस्त सा लगता था.

शहर से पहले से ही ट्रकों की लंबी क़तार शुरू हो जाती, जो छोटे-छोटे टुकड़ों में शहर के अन्य हिस्सों में भी नज़र आती.

नेपाल के बहुचर्चित मधेसी आंदोलन का असर रक्सौल और नेपाल में परसा ज़िले के बीरगंज में साफ़ दिखता है.

चुनाव के कारण इस इलाक़े में नेपाल से लगी सीमा सील कर दी गई थी.

दूसरी ओर मधेसी आंदोलन रुकने का नाम नहीं ले रहा है. मैं पैदल ही सीमा पार करके नेपाल के बीरगंज इलाक़े में पहुँचा और उस पार फ़ंसे भारतीयों से बात की.

वहीं नारेबाज़ी के बीच मधेसी आंदोलनकारियों ने कहा कि वे सिर्फ़ अपने अधिकारों की बात कर रहे हैं और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, वे आर्थिक नाकेबंदी जारी रखेंगे.

आंदोलनकारियों के एक नेता रामसहाय यादव, "मधेस के लोगों के, आदिवासियों के, दलितों के, मुसलमानों के और अन्य पिछड़ी जातियों के अधिकारों की मांग कर रहे हैं. हम संविधान में संशोधन की मांग कर रहे हैं."

हालाँकि नेपाल सरकार कई बार स्पष्ट कर चुकी है कि देश के संविधान में सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए पर्याप्त क़दम उठाए गए हैं. नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली का कहना है कि तराई के लोगों को भड़काया जा रहा है.

लेकिन सरकार और मधेसी आंदोलनकारियों के बीच तनातनी के बीच भारत के रक्सौल और नेपाल के बीरगंज में जीवन थम चुका था.

बीरगंज में तो जैसे जीवन थम सा गया है. महीनों से स्कूल-कॉलेज बंद हैं और इसका असर वहाँ के कारोबार पर भी पड़ा है.

बीरगंज में महीनों से फँसे उत्तर प्रदेश के उपेंद्र यादव ने बताया, "कई गाड़ियाँ किश्त पर हैं. दो महीने से गाड़ी यहीं खड़ी है. जैसे ही गाड़ी जाएगी फ़ाइनेंसर उठा ले जाएगा."

कोलकाता के रहने वाले ड्राइवर भगवान सिंह ने बताया, "ना हमारे पास कोई पैसा है और न ही हमें यहाँ कोई पैसा देने वाला है. हम उधार पर खाना खा रहे हैं. वो तो दुकानदारों की मेहरबानी है कि हमें खिला देते हैं."

कुछ ट्रक ड्राइवर ये भी आरोप भी लगाया कि मधेसी उन्हें धमकाते भी थे.

वैसी मधेसी आंदोलनकारी इससे इनकार करते हैं कि भारत सरकार से उन्हें कोई मदद मिल रही है.

मिनी सिंह कहती हैं, "भारत सरकार हमारा तो कोई हेल्प नहीं कर रही है. हमारा आंदोलन तो नेपाल में हो रहा है. नेपाल में कहा जा रहा है कि नाकेबंदी भारत की ओर हो रही है. लेकिन ये ग़लत है. नाकेबंदी हम मधेसी कर रहे हैं. हम लोग ख़ुद अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं."

मधेसी आंदोलनकारियों पर नेपाल की पुलिस की कार्रवाई के बाद आवाजाही शुरू हुई है, लेकिन आंदोलकारी और पुलिस में तनाव बना हुआ है. तनाव और झड़प में एक भारतीय की मौत की ख़बर है.

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