शाहरुख: पहले पुरस्कार तो मिले फिर लौटाऊंगा

  • 3 नवंबर 2015

देश में बढ़ती असहिष्णुता के विरोध में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित कई फ़िल्मी हस्तियां और साहित्यकार अपने पुरस्कार व सम्मान लौटा रहे हैं, इस पर शाहरुख ख़ान का कहना है कि पहले उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार दो फिर वो लौटाएंगे.

शाहरुख ख़ान को साल 2005 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था.

अपना 50वां जन्मदिन मना रहे शाहरूख ख़ान ने मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "देश तेजी से असहिष्णुता की ओर बढ़ रहा है

मैं पुरस्कार लौटाने वालों का सम्मान करता हूं, लेकिन मैं अपने पुरस्कार कभी नहीं लौटाऊंगा.''

शाहरुख़ ख़ान आगे कहते हैं कि, "कोई मुझे कितना भी कह ले मैं अपने पुरस्कार वापस नहीं करूंगा. बॉलीवुड में दो तबके के लोग हैं जैसे दिबाकर बनर्जी, अनुपम खेर और मधुर भंडारकर."

उन्होंने बताया, "उन सबको आज़ादी हैं अपने विचार एक दूसरे से व्यक्त करने की इसका मतलब ये नहीं की वो लोग सांप्रदायिक हैं. रही बात राष्ट्रीय पुरस्कार की तो मेरे पास तो राष्ट्रीय पुरुस्कार ही नहीं है, पहले मुझे पुरस्कार दो फिर मैं वापिस करूंगा."

हाल ही में ग़ज़ल गायक गुलाम अली के कार्यक्रम पर शिवसेना के विरोध पर शाहरुख़ ख़ान ने कहा, "मुझे ऐसा लगता हैं कि जो लोग क्रिएटिव होते हैं उनको लेकर धर्म या जाति को बीच में नहीं आना चाहिए."

उन्होंने कहा, "कलाकार कौन हैं, कौन से देश से हैं इससे कोई फर्क नहीं पड़ता अगर फर्क पड़ता हैं तो सिर्फ उसकी कला से. लोगों को कला से प्यार करना चाहिए कलाकार से नहीं."

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