मोदी के संसदीय क्षेत्र में बीजेपी की करारी हार

  • 2 नवंबर 2015
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नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में पंचायत चुनाव में बीजेपी को करारी शिकस्त मिली है.

वाराणसी की 48 ज़िला पंचायत सदस्य सीटों पर हुए चुनाव में से भाजपा के 47 घोषित उम्मीदवारों में से सिर्फ़ 8 प्रत्याशी ही जीत सके हैं.

वाराणसी से पत्रकार रोशन कुमार कहते हैं कि चौंकाने वाली बात ये रही कि मोदी के गोद लिए वाराणसी के जयापुर गांव में भाजपा की ओर से घोषित ज़िला पंचायत सदस्य के प्रत्याशी अरुण सिहं उर्फ़ रिंकू बीएसपी समर्थित प्रत्याशी गुड्डू तिवारी से हार गए हैं.

बीबीसी से बात-चीत में बीजेपी के वाराणसी ज़िला अध्यक्ष और पंचायत चुनाव की बागडोर संभालने वाले नागेंद्र नागवंशी ने बनारस के नतीजों को बुरा नहीं बताया.

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उन्होंने कहा कि कि भारतीय जनता पार्टी के चुनाव चिन्ह कमल और प्रत्याशियों के अपने अलग-अलग चुनाव चिन्ह को वह ग्रामीणों तक सही ढंग से प्रोजेक्ट नहीं कर सकें.

इतना ही नहीं राजनाथ सिंह के क्षेत्र लखनऊ में भी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है. यहां से 28 उम्मीदवारों में से महज़ 4 पर जीत हासिल हुई है.

वहीं दूसरी ओर आंध्र प्रदेश के हैदराबाद से सासंद असदउद्दीन ओवैसी की पार्टी आल इण्डिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुसलमीन (एएमआईएम) से आज़मगढ़ के पवई विकास खण्ड के मकसुदिया वार्ड नम्बर 32 ज़िला पंचायत क्षेत्र से कैलाश गौतम को सफलता हाथ लगी है.

कैलाश गौतम ने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार फूलचन्द को 543 मतों से हराया.

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आज़मगढ़ ज़िले के 86 ज़िला पंचायत सदस्य की सीट में से ओवैसी की पार्टी ने 10 उम्मीदवार पहली बार उतारे थे जिसमें से एक कैलाश के रूप में सफलता हाथ लगी.

उधर समाजवादी पार्टी के कई नेताओं के कई रिश्तेदारों को भी हार का सामना करना पड़ा है. वहीं राहुल गांधी के क्षेत्र अमेठी में कांग्रेस के सभी आठ उम्मीदवारों को हार का मुंह देखना पड़ा है.

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