अवार्ड वापसी के ख़िलाफ़ अनुपम खेर का मार्च

अनुपम खेर, मार्च फ़ॉर इंडिया इमेज कॉपीरइट AnupamPkher

देश में कथित रूप से बढ़ती असहिष्णुता के विरोध में लेखकों और कलाकारों के विरोध के मुकाबले में अभिनेता अनुपम खेर ने दिल्ली में एक मार्च का नेतृत्व किया और राष्ट्रपति से मुलाकात की.

अनुपन खेर ने कहा कि 'अवार्ड वापसी' अभियान स्थिति की 'ग़लत' तस्वीर दिखाकर देश को बदनाम करने की साज़िश है.

राष्ट्रपति से मिलने के बाद अनुपम खेर ने ट्वीट किया, "महामहिम राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी से मुलाक़ात बहुत अच्छी रही. उन्होंने कहा कि अवार्ड देश द्वारा दिए जाते हैं सरकारों द्वारा नहीं'. #मार्चफ़ॉरइंडिया"

इसके कुछ देर बाद उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल @अनुपमपीखेर से ट्वीट किया, "यह बताते हुए बहुत ख़ुशी हो रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमसे मिल रहे हैं. #मार्चफ़ॉरइंडिया #इंडियाइज़टॉलरेंट"

फ़िल्म जगत से जुड़ी कई हस्तियों जिसमें मधुर भंडारकर, अशोक पंडित, प्रियदर्शन, मनोज जोशी, अभिजीत भट्टाचार्य और लेखिका मधु किश्वर ने भी मार्च में भाग लिया और 40 प्रमुख लोगों, जिनमें रवीना टंडन शामिल हैं, के हस्ताक्षर वाला ज्ञापन भी राष्ट्रपति को सौंपा.

इससे पहले अनुपम खेर ने ट्वीट किया, "हमारे अपने ऐतराज़ रहे हैं लेकिन हम एक महान देश में रहते हैं. भारत हमारी यात्रा है और हमारी मंज़िल भी. आज हम दुनिया को बता दें कि भारत सहनशील है. #इंडियाइज़टॉलरेंट."

ट्विटर पर अनुपम खेर के इस मार्च का स्वागत और विरोध दोनों शुरू हो गया.

रुपाली काथ घटागे ने अपने ट्विटर हैंडल @रुपालीकाथ29 से ट्वीट किया, "#मार्चफ़ॉरइंडिया: यह सुनकर बहुत ख़ुशी हुई कि अनुपम खेर आप जैसे लोगों ने कुछ असहनशील लोगों को सबक सिखाने की पहल की है."

वरिष्ठ पत्रकार शेखर गुप्ता ने अपने ट्विटर हैंडल @शेखरगुप्ता से लिखा, "माफ़ करना अनुपम खेर आपका #मार्चफ़ॉरइंडिया ग़लत है. विरोध के ख़िलाफ़ विरोध? असहमत लोगों पर देश को बदनाम करने का आरोप लगाना नया-फ़ासीवाद है."

ट्विटर हैंडल @सुनयना चड्ढा से सुनयना ने लिखा, "प्रधानमंत्री ने सिर्फ़ #मार्चफ़ॉरइंडिया वालों से मिलने का फ़ैसला ही क्यों किया. #अवार्डवापसी गुट का क्या? अब कौन चुनाव कर रहा है?"

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार