सब्सिडीयुक्त सामान घर पहुंचेगा पुलिसकर्मियों के

  • 12 नवंबर 2015
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भारत की तकनीकी राजधानी बेंगलुरू में पुलिसकर्मियों की सब्सिडीयुक्त कैंटीन से सामान अगले दो-तीन हफ़्ते बाद एक ऐप की मदद से पुलिसकर्मियों के घर तक पहुंचाया जा सकेगा.

कॉपकैट नाम के इस ऐप, जिसे पुलिसकर्मियों का फ़्लिपकार्ट भी कहा जा रहा है, से यह सुनिश्चित होगा कि पुलिसकर्मी अपनी कैंटीन से मिलने वाली 15-20 प्रतिशत छूट का लाभ उठा सकें. पुलिसकर्मियों को कैंटीन से सामान पर छूट सेना, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ़) और केंद्रीय आरक्षी पुलिस बल (सीआरपीएफ़) की तरह मिलती है.

सिटी आर्म्ड रिज़र्व (सीएआर) के पुलिस उपायुक्त, अभिषेक गोयल कहते हैं, "हमारे बहुत से सिपाही और अधिकारी इस कैंटीन के अस्तित्व से अनजान थे."

"बहुत से जो जानते भी थे वह इसलिए कैंटीन नहीं जा सकते थे क्योंकि उनके पास समय नहीं था कि वह शहर के अलग-अलग हिस्सों से सिटी आर्म्ड रिज़र्व (सीएआर) आएं, जहं कैंटीन स्थित है."

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आईआईटी दिल्ली के पूर्व छात्र गोयल ने सोचा कि ऐसा ऐप विकसित किया जाए जिससे शहर भर में फैले सिपाहियों और अधिकारियों को कैंटीन की सब्सिडी का लाभ मिल सके.

इस ऐप को एक निजी कंपनी टेकशेफ़ सॉफ़्टवेयर लिमिटेड ने विकसित किया है. कंपनी के मुख्य तकनीकी अधिकारी या सीटीओ प्रताप सिम्हा कहते हैं, "इसे पुलिसकर्मियों की ज़रूरत पूरी करने के लिए विकसित किया गया है."

"अब पुलिसकर्मी विभिन्न श्रेणियों के उत्पादों को देख सकते हैं और उन्हें अपनी कार्ट में डाल सकते हैं. पुलिस अपने स्तर पर बिलिंग करेगी और वह इसे जब चाहें कैंटीन से ले सकते हैं."

सिम्हा कहते हैं, "एक बार पुलिस इसे स्वीकार कर ले तो फिर हम लॉजिस्टिक्स पर काम कर सकते हैं."

गोयल कहते हैं, "हम पुलिकर्मियों के लिए, विशेषकर नीचे पायदान पर मौजूद पुलिसवालों के लिए जो अब बी प्लास्टिक मनी का प्रयोग करने से बचते हैं, एक बटुआ प्रदान करने का विचार है."

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"आने वाले कुछ दिनों में हम लोग लॉजिस्टिक्स पर भी काम करेंगे. हम अंदाज़न इसके दिसंबर के मध्य तक पूरी तरह काम करना शुरू कर सकता है."

पुलिस कैंटीन से क़रीब 1,000 श्रेणियों के उत्पाद बेचे जाते हैं- साबुन से लेकर रेफ़्रिजरेटर और मोबाइल तक.

गोयल के अनुसार, "इस नए ऐप की मदद से इसकी बिक्री बढ़ने की उम्मीद है, कम से कम 10 प्रतिशत."

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