बिहार में कहानी महागठबंधन की महा-जीत की

इमेज कॉपीरइट Reuters

कहानी पूरी फ़िल्मी भले न हो, लेकिन शुरुआत फ़िल्मी ज़रूर हुई. मतगणना शुरू होने के पहले भाजपा कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में मीडियाकर्मियों की भीड़ थी.

जबकि जनता दल यूनाइटेड(जेडी-यू) और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के कार्यालय के बाहर कम ही लोग थे. फिर वो हुआ, जिसका एक तबक़ा बेसब्री से इंतज़ार कर रहा था.

शुरुआती रुझान में जैसे ही बीजेपी को बढ़त दिखाई गई, बीजेपी के कार्यकर्ता जश्न मनाने लगे. ढोल, नगाड़े और पटाख़े.

इमेज कॉपीरइट AP

और तो और भाजपा के नेता बड़े-बड़े दावे भी करने लगे कि लालू यादव का 190 सीटें जीतने की बात ग़लत होगी और सिर्फ़ 19 सीटें मिलेंगी. मोदी मोदी के नारे भी शुरू हो गए थे.

लेकिन फिर एकाएक परिस्थितियाँ बदलीं और फिर जो हुआ, वो ऐतिहासिक था. जेडी-यू, आरजेडी और कांग्रेस के महागठबंधन ने धीरे-धीरे अपनी पकड़ मज़बूत की. और दिन चढ़ते-चढ़ते ये तय हो गया कि बिहार में इस बार महागठबंधन का परचम लहराएगा.

थोड़े समय पहले महागठबंधन के जो कार्यकर्ता मायूस नज़र आ रहे थे, उन्होंने जश्न मनाना शुरू कर दिया. फिर पटाख़ों का पता बदल गया, नारेबाज़ी की दिशा बदल गई.

महागठबंधन के कार्यकर्ता ख़ुशी से झूम रहे थे. नीतीश कुमार और लालू यादव के पोस्टर पर रंग-गुलाल लगाए जा रहे थे. डांस हो रहा था. पार्टी के नेताओं की ख़ुशी छिपाए नहीं छिप रही थी.

इमेज कॉपीरइट epa

जेडी-यू के विधान पार्षद संजय गांधी ने कहा कि गठबंधन को तो जीतना ही था.

उन्होंने कहा, "माननीय मुख्यमंत्री जी ने जिस तरह बिहार के लिए किया है. क़ानून व्यवस्था का राज रहा है. हर वर्ग और हर जाति के लिए उन्होंने काम किया है."

आरजेडी के कार्यालय में भी कुछ ऐसा ही माहौल था. नगाड़े बज रहे थे. टीवी देखकर जनता ताली पीट रही थी और नेता ख़ुद ढोल बजाने में मशग़ूल थे.

आरजेडी के प्रवक्ता प्रगति मेहता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तुरंत त्यागपत्र दे देना चाहिए.

उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मुँह दिखाने के क़ाबिल नहीं रहे हैं. उन्हें तुरंत इस्तीफ़ा दे देना चाहिए."

इमेज कॉपीरइट AFP

युवा जनता दल के प्रवक्ता इक़बाल अहमद ने कहा कि भाजपा ने चुनाव प्रचार में पैसा बहाया. लेकिन जनता ने अब उन्हें जवाब दे दिया है.

दोपहर होते-होते सारा ध्यान राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद और नीतीश कुमार के घर की ओर चला गया. समर्थकों की भारी भीड़ और नारेबाज़ी का वही मंज़र. समर्थक लालू प्रसाद को भगवान और राबड़ी देवी को माता कहकर नारेबाज़ी कर रहे थे.

दोपहर बाद लालू मीडिया से मुख़ातिब हुए और जीत के लिए बिहार की जनता का आभार व्यक्त किया और कहा कि बिहार की जनता ने भाजपा को भगा दिया है.

लालू यादव ने कहा, "दोनों भाई जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हैं. भाजपा का बिहार की जनता ने सूपड़ा साफ़ कर दिया."

इमेज कॉपीरइट Reuters prashan ravi shailendra kumar pib

दूसरी ओर कांग्रेस ने भी इस चुनाव में बेहतरीन प्रदर्शन किया. कांग्रेस के प्रदर्शन से गदगद पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि ये नतीजा नरेंद्र मोदी के लिए भी संदेश है.

राहुल गांधी ने कहा, "मोदी जी के लिए संदेश है. उन्हें यह संदेश सुन लेना चाहिए, समझ लेना चाहिए. पूरा देश कह रहा है कि इस देश को नरेंद्र मोदी, भाजपा और आरएसएस बाँट नहीं सकते. हिंदू को मुसलमानों से लड़ाकर चुनाव नहीं जीत सकते."

लेकिन घंटों से वीरान से हो चले बीजेपी कार्यालय में कार्यकर्ताओं की नाराज़गी भी देखने को मिली, जो टिकट बाँटने में ग़लती के साथ-साथ सहयोगी दलों को ज़्यादा सीटें देने पर काफ़ी उत्तेजित थे.

इमेज कॉपीरइट SEETU TIWARI

शाम चार बजे नीतीश कुमार के आवास पर महागठबंधन के तीनों नेताओं नीतीश कुमार, लालू प्रसाद और अशोक चौधरी ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ़्रेंस को संबोधित किया. नीतीश कुमार ने कहा कि वे इस जीत को विनम्रता के साथ स्वीकार करते हैं और बिहार की जनता को तहे दिल से धन्यवाद देते हैं.

तो बिहार की जनता ने महागठबंधन को स्पष्ट जनादेश दिया है. अब अगले कुछ दिनों में सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी. नीतीश कुमार और लालू यादव ने कहा है कि वे मिल-जुलकर बातचीत करके नई सरकार का गठन करेंगे और बिहार की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करेंगे.

बीजेपी के कई कार्यकर्ताओं ने जनमत के सम्मान की बात कही, तो कुछ ने सरकार को लेकर आशंकाएँ भी जताईं और कहा कि ये सरकार नहीं चल पाएगी और विकास नहीं हो पाएगा.

तो बिहार में महीनों से चल रहा लोकतंत्र का पर्व आज आख़िरी पड़ाव पर पहुँच गया और अब नीतीश कुमार के नेतृत्व में जल्द ही बिहार में नई सरकार बनेगी.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)