'मेक इन इंडिया' के तहत बिहार में बड़ा प्रोजेक्ट

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अमरीकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) ने भारत सरकार से देश में नई ट्रेनों का बेड़ा तैयार करने के लिए 2.6 अरब डॉलर का अनुबंध हासिल किया है.

कंपनी का कहना है कि अगले 11 सालों में भारत को 1,000 नई डीज़ल ट्रेनों की आपूर्ति की जाएगी.

इस क़रार के तहत जीई नए संयंत्र और भंडारगृह बनाने के लिए 20 करोड़ डॉलर का निवेश करेगी.

जीई बिहार राज्य के मरहौरा में नई ट्रेनों का संयंत्र लगाने पर सहमत हो गई है. इसके अलावा पंजाब और गुजरात में इनके रख-रखाव और प्रबंधन से जुड़ा ढांचा तैयार किया जाएगा.

जीई के मुख्य कार्यकारी जेफ इमल्ट ने कहा, "यह इन्फ़्रास्ट्रक्चर परियोजना इस बात का सबूत है कि भारत एशिया के लिए वृद्धि का एक इंजन बन गया है."

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जीई 113 सालों से भारत में मौजूद है लेकिन भारत सरकार के साथ कंपनी का यह अब तक का सबसे बड़ा समझौता है.

भारत सरकार देश के रेलवे तंत्र में सुधार के लिए क़दम उठा रही है जो पुरानी पड़ चुका है और आबादी बढ़ने की वजह से भीड़ बढ़ रही है.

रेलवे को अत्याधुनिक करने के लिए भारत ने अगले पांच सालों में 137 अरब डॉलर ख़र्च करने की योजना बनाई है.

यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'मेक इन इंडिया' योजना का ही हिस्सा होगा. इस योजना का मकसद भारत में विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए विदेशी निवेश आकर्षित कराना है.

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