इसलिए भाजपा उम्मीदवार मां को वोट नहीं दिया..

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अगर आपका इरादा चुनाव लड़ने का है तो ज़रूरी नहीं कि आपके सभी घरवालों आपको ही वोट दें.

कम से कम ये बात केरल पुलिस में कॉन्सटेबल राजेश कुमार पर बिल्कुल सही बैठती है जिन्होंने स्थानीय निकाय चुनाव लड़ रहीं अपनी मां को वोट नहीं दिया.

राजेश की मां जगदम्मा भाजपा की उम्मीदवार थीं और महज़ 6 वोट से वो चुनाव हारीं.

राजेश ने सीपीआई के नेतृत्व वाले एलडीएफ गठबंध को अपना वोट दिया.

राजेश ने अपनी मां को वोट न देने की बात को फेसबुक पर सार्वजनिक भी किया, जिसे हज़ारों लोगों ने शेयर भी किया.

राजेश कुमार ने लिखा, "अपनी मां के प्रति मेरा प्यार देश के प्रति मेरे कर्तव्य के बीच नहीं आ सकता है."

उन्होंने बीबीसी को बताया, "मेरे इस फैसले से मेरी मां के साथ मेरे रिश्तों पर कोई असर नहीं पड़ा है. मेरी मां बहुत ही मज़बूत शख़्सियत की हैं और उनका कहना है कि मुझे अपनी राजनीतिक पसंद ज़ाहिर करने का पूरा हक़ है."

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राजेश ने कहा, "मेरी मां स्कूल में मेरी टीचर थीं. लेकिन वो अपने उस शपथ को भूल गई जो कभी उन्होंने मुझे दिलाई थी. मैंने इस बारे में पोस्ट करने का निर्णय इसलिए लिया ताकि मां जैसे सभी लोगों को उस शपथ की याद दिला सकूं."

भाजपा की आलोचने करते हुए राजेश का कहना है, "खुले में शौच के खिलाफ़ प्रधानमंत्री मोदी की योजना देश के कई हिस्सा में कारगर साबित नहीं हुई है."

पिछले साल आई एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 70 फीसदी ग्रामीण खुले में शौच करते हैं. राजेश इस बारे में भाजपा सरकार की तरफ से उठाए जा रहे क़दमों को नाकाफी मानते हैं.

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