आम ही नहीं खास भी मना रहे हैं छठ

  • 17 नवंबर 2015
बेटी मीसा भारती के साथ छठ की तैयारी करतीं बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी. इमेज कॉपीरइट MIsa Bharti FB Page

लोक आस्था का महापर्व छठ पूरे बिहार में परंपरागत उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है. इसमें आम लोगों के साथ-साथ राजनेता भी शामिल हैं. लेकिन हाल में आए विधानसभा चुनाव के नतीज़ों से सत्तापक्ष और विपक्ष के खेमों में छठ को लेकर उत्साह अलग-अलग है.

राजधानी पटना की सुमति देवी अपने बच्चों और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए हर साल छठ का व्रत रखती हैं. उनका मानना है कि इससे सूर्य देवता का आशीर्वाद मिलता है.

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पुनपुन निवासी चंद्रकांता देवी बताती हैं, "यह एक पावन महापर्व है. हम इस पर्व को मनाते वक्त इसमें रच-बस जाते हैं."

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मसौढ़ी की सरोज देवी का परिवार भी हर साल इस पर्व को ज़ोर शोर से मनाता है.

वहीं बिहार विधानसभा चुनाव में भारी जीत दर्ज़ करने वाले राजद-जदयू और कांग्रेस के महागठबंधन के सदस्यों के लिए इस साल का छठ ख़ास बन गया है.

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इस महापर्व में नए रंग और जोश भरने का श्रेय बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को जाता है. वो 1997 में पहली बार बिहार की मुख्यमंत्री बनीं. इतने बड़े पद पर बैठने के बाद भी वो किसी सामान्य महिला की तरह छठ पूजा करती रहीं. इसके बाद से इस लोकपर्व से सत्ता की चमक जुड़ गई.

चारा घोटाला में लालू प्रसाद का नाम सामने आने के बाद राबड़ी देवी ने मुख्यमंत्री पद संभाला था. वो बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री थीं. इसके बाद छठ की राजनीतिक ब्रांडिंग जमकर हुई.

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राबड़ी सरकार के कई मंत्री छठ करने में गंगा घाट से लेकर मुख्यमंत्री आवास तक मुख्यमंत्री का सहयोग करने में लगे रहते थे.

साल 2005 में लालू प्रसाद के राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की हार हुई और राबड़ी देवी के इस्तीफे से उनके पटना आवास में छठ की रौनक फीकी पड़ गई.

लालू प्रसाद के रेल मंत्री बन जाने के बाद राबड़ी देवी उनके दिल्ली स्थित घर में ही छठ मनाने लगीं.

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हाल में हुए विधानसभा चुनाव में महागठबंधन को मिली शानदार जीत के बाद राबड़ी देवी के पटना स्थित सरकारी आवास में छठ की पुरानी रौनक लौट आई है.

लालू प्रसाद कहते हैं, "सूर्य भगवान साक्षात देवता हैं. ये राष्ट्रीय पर्व की तरह है जिसे बिहारी भाइयों ने देश भर में पहुँचाया है. इस पर्व को मुसलमान भी मनाते हैं. हम लोगों ने सालों पहले ये त्योहार पटना के पहलवान घाट पर करना शुरू किया था."

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बड़े भाई सतीश कुमार की पत्नी उनके सरकारी आवास में छठ कर रही हैं.

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पिछली विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे नन्दकिशोर यादव के घर छठ का आयोजन होता रहा है. लेकिन, इस बार उनके घर पर छठ नहीं मनाई जाएगी.

भारतीय जनता पार्टी के विधायक संजीव चौरसिया कहते हैं कि छठ बिहार का महापर्व है. इस लोक उत्सव को दलीय भावनाओं से ऊपर उठकर देखना चाहिए.

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