वाघा सीमा दरवाज़े से कार टकराने के बाद सुरक्षा बढ़ी

वाघा सीमा पर पारंपरिक परेड इमेज कॉपीरइट RAVINDER SINGH ROBIN
Image caption वाघा सीमा पर भारत और पाकिस्तान की सेनाएं रोज़ाना पारंपरिक सलामी देती हैं.

भारत और पाकिस्तान की सीमा अटारी वाघा अंतरराष्ट्रीय बार्डर के दरवाज़े में एक व्यक्ति के कार टकराने के बाद वहाँ सुरक्षा बड़ा दी गई है.

भारतीय मूल के कनाडाई नागरिक सुरिंदर सिंह कंग ने रोके जाने से पहले चार सुरक्षा बैरियर तोड़े और फिर गाड़ी को सीधे सीमा चौकी के दरवाज़े पर दे मारा.

उनका कहना है कि वो पाकिस्तान स्थित सिखों के धार्मिक स्थलों पर जाना चाहते हैं.

भारतीय सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ़) के अधिकारियों ने स्थानीय संवाददाता रविंद्र सिंह रोबिन से कहा है कि वे और मज़बूत बैरियर लगाने पर विचार कर रहे हैं.

भारत और पाकिस्तान दोनों वाघा बार्डर पर रोज़ाना सैन्य सलामी समारोह आयोजित करते हैं.

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वाघा दोनों देशों के बीच ज़मीनी चौकी है. बीएसएफ़ के अधिकारी अनिल पालिवाल का कहना है कि 42 वर्षीय कंग मानसिक रोगी प्रतीत होते हैं.

मूल रूप से जलांधर के एक गांव के रहने वाले कंग 1995 में कनाडा चले गए थे.

पिछले साल पाकिस्तान की ओर वाघा सीमा पर हुए एक आत्मघाती बम धमाके में दर्जनों लोगों की मौत हो गई थी.

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