वीएचपी के वरिष्ठ नेता अशोक सिंघल का निधन

विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेता अशोक सिंघल का निधन हो गया है. उनकी उम्र 89 साल थी.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने वीएचपी नेता प्रवीण तोगड़िया के हवाले से ख़बर दी है कि उनका देहांत गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में मंगलवार दोपहर को हुआ.

14 नवंबर को उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई.

अशोक सिंघल दशकों से हिंदुत्व विचारधारा के मुखर प्रतिनिधि थे और अयोध्या में राममंदिर बनाए जाने के पक्षधर थे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, "अशोक सिंघल का निधन मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है. उनका जीवन राष्ट्रसेवा पर केंद्रित था. अशोक सिंघल कई सामाजिक कार्यों के पीछे थे. वे आने वाली कई पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं. मुझे हमेशा उनका आशीर्वाद और मार्गदर्शन पाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ."

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केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने ट्वीट किया- 'राष्ट्र निर्माण के अभियान में अपना सर्वस्व होम करने वाले हम सबके प्रेरणा स्त्रोत अशोक सिंहल जी का निधन पूरी न होने वाली क्षति है.'

केंद्रीय संस्कृति मंत्री महेश शर्मा ने कहा, "विश्व हिन्दू परिषद् के संस्थापक और अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंहल जी को मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि."

सिंघल ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी और सारी उम्र राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक और विश्व हिंदू परिषद के प्रमुख नेताओं में रहे.

उन्होंने 1980 के दशक में अयोध्या में राममंदिर बनाने के लिए अभियान का न केवल नेतृत्व किया बल्कि दुनिया के अनेक देशों में इसके लिए समर्थक और पैसा जुटाने का अभियान भी चलाया.

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