केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में 24% वृद्धि की सिफारिश

  • 20 नवंबर 2015
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सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट गुरुवार को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को सौंप दी गई.

जस्टिस एके माथुर की अध्यक्षता में तैयार की गई इस रिपोर्ट में केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन और भत्ते 23.55 फीसदी बढ़ाने की सिफारिश की गई है और सैनिकों की तर्ज पर गैर सैनिक कर्मचारियों के लिए भी ‘वन रैंक-वन पेंशन’ की व्यवस्था लागू करने की सिफारिश की गई है.

आयोग ने सरकारी कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 18 हजार और अधिकतम 2.25 लाख रुपये तय करने की सिफारिश की है. इसके अलावा आयोग ने केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में सालाना तीन फीसदी वृद्धि की भी सिफारिश की है.

आयोग ने ग्रैच्युटी निर्धारण में अधिकतम वेतन की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये की है.

इसके अलावा नए वेतन ढांचे में आयोग ने छठे वेतन आयोग द्वारा शुरू की गई 'पे ग्रेड' व्यवस्था खत्म कर इसे वेतन के ढांचे में शामिल कर दिया है और कर्मचारी का ओहदा अब ग्रेड पे की जगह नए ढांचे के वेतन से तय होगा.

आयोग ने कर्मचारियों व पेंशनभोगियों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना की सिफारिश की है,

आयोग की सिफारिशें जस की तस लागू करने पर सरकारी खजाने पर 1.02 लाख करोड़ रुपये का सालाना बोझ आएगा.

आयोग की सिफारिशें अगले साल जनवरी से लागू हो सकती हैं.

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